भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, मुंबई भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और महाराष्ट्र सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री राज के. पुरोहित (Raj K Purohit) का रविवार तड़के निधन हो गया। वे 71 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। मुंबई के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से महाराष्ट्र और राजस्थान सहित देश के राजनीतिक व सामाजिक जगत में गहरा शोक व्याप्त है।राज के. पुरोहित को मुंबई की राजनीति में एक मजबूत संगठनकर्ता और उत्तर भारतीय समाज की प्रभावशाली आवाज के रूप में जाना जाता था। दक्षिण मुंबई में उनका व्यापक जनाधार रहा और उन्होंने दशकों तक जमीनी राजनीति के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई।
संगठन और सरकार में निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
राज के. पुरोहित भाजपा संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहे और मुंबई भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली। वे मुंबादेवी विधानसभा क्षेत्र से चार बार और कोलाबा से एक बार विधायक चुने गए। मंत्री पद पर रहते हुए उन्होंने गृह निर्माण सहित कई अहम विभागों का नेतृत्व किया। भाड़ेकरुओं के अधिकारों को लेकर उनका संघर्ष उनके राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी पहचान माना जाता है।हाल ही में उनके पुत्र आकाश पुरोहित ने मुंबई महानगरपालिका चुनाव में वार्ड क्रमांक 221 से जीत दर्ज की थी। बेटे की इस सफलता के कुछ ही समय बाद राज के. पुरोहित का निधन हो जाना उनके समर्थकों के लिए बेहद भावुक क्षण बन गया।
राजस्थान से मुंबई तक का संघर्षपूर्ण सफर
राज के. पुरोहित मूल रूप से राजस्थान के सिरोही जिले के फूंगनी गांव के निवासी थे। उनका जन्म 31 अगस्त 1955 को हुआ था। राजस्थान से मुंबई आकर उन्होंने राजनीति में लंबा और संघर्षपूर्ण सफर तय किया। अपने मूल राज्य से उनका भावनात्मक जुड़ाव हमेशा बना रहा, यही कारण है कि उनके निधन पर राजस्थान के राजनीतिक हलकों में भी गहरा शोक देखने को मिला।
भजनलाल शर्मा और अशोक गहलोत ने जताया दुख
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज के. पुरोहित के निधन को अत्यंत दुखद बताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को संबल देने की कामना की। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी उनके निधन को राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताते हुए अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं।
संगठन के मजबूत स्तंभ थे राज के. पुरोहित: देवेंद्र फडणवीस
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज के. पुरोहित के निधन को बेहद हृदयविदारक बताते हुए उन्हें भाजपा संगठन का एक मजबूत स्तंभ करार दिया। उन्होंने कहा कि राज पुरोहित एक उदार स्वभाव वाले, सकारात्मक सोच रखने वाले और संगठन के लिए पूरी तरह समर्पित नेता थे। विधायक, विपक्ष के नेता और मुंबई भाजपा अध्यक्ष जैसे विभिन्न दायित्वों का स्मरण करते हुए फडणवीस ने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा दृढ़ निश्चय, आक्रामकता और सकारात्मक ऊर्जा से भरी रही। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में हुए महानगरपालिका चुनावों में राज पुरोहित अंतिम समय तक सक्रिय रहे और उनके जाने से भाजपा परिवार में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है।
मुंबई के पगड़ीधारकों के लिए आजीवन संघर्ष: नितिन गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राज के. पुरोहित को अपना करीबी मित्र बताते हुए कहा कि उन्होंने मुंबई के पगड़ीधारक भाड़ेकरुओं के अधिकारों के लिए लंबा और निरंतर संघर्ष किया। गडकरी ने कहा कि कोलाबा और मुंबादेवी विधानसभा क्षेत्रों के विकास में राज पुरोहित का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। साथ ही मुंबई में पार्टी संगठन को मजबूत करने में भी उनकी भूमिका अहम रही। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को संबल देने की प्रार्थना की।अजित पवार, प्रफुल्ल पटेल और निरुपम ने जताई संवेदनाराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता अजित पवार ने राज के. पुरोहित को एक समर्पित और आक्रामक जननेता बताते हुए कहा कि उन्होंने जनहित के मुद्दों के लिए लगातार संघर्ष किया। वहीं, कांग्रेस सांसद प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि मुंबई ने एक स्पष्टवादी और मेहनती जनप्रतिनिधि को खो दिया है।पूर्व कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने राज पुरोहित को हंसमुख, दिलदार और दक्षिण मुंबई के नागरिकों से गहराई से जुड़े नेता के रूप में याद किया। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि उनके निधन का समय बेहद भावुक है, क्योंकि ठीक एक दिन पहले ही उनके पुत्र आकाश पुरोहित ने लगातार दूसरी बार नगरसेवक पद पर जीत हासिल की थी।
विनोद तावड़े ने बताया भाजपा के लिए अपूरणीय क्षति
भाजपा नेता विनोद तावड़े ने राज के. पुरोहित को जनता से गहराई से जुड़ा हुआ लोकप्रिय जनप्रतिनिधि बताया। उन्होंने कहा कि नगरसेवक से लेकर विधायक और मंत्री तक का उनका सफर प्रेरणादायक रहा। विशेष रूप से मुंबई के भाड़ेकरुओं के लिए वे एक सशक्त आवाज थे और उनके उत्थान के लिए उन्होंने जीवन भर प्रयास किए। तावड़े ने उनके निधन को भाजपा महाराष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
बाळा नांदगावकर की भावुक श्रद्धांजलि
मनसे नेता बाळा नांदगावकर ने राज के. पुरोहित को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें अपना करीबी मित्र बताया। उन्होंने कहा कि दोनों का राजनीतिक सफर साथ शुरू हुआ था और लगभग दो दशकों तक वे विधानसभा में एक साथ रहे। भाड़ेकरुओं के अधिकारों के लिए संघर्ष, आक्रामक लेकिन प्रभावी वक्तृत्व और पार्टी के प्रति निष्ठा उनकी स्थायी पहचान रहेगी।
