
साण्डेराव (Sanderav) हरिओम आश्रम रामनगर में महाशिवरात्रि पर्व पर आयोजित दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के दौरान दूर दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिव भक्तों ने महादेव के दरबार में मत्था टेक कर परिवारजनो के सुख-समृद्धि के लिए मन्नतें मांगी। यहां रविवार को महाशिवरात्रि के बाद दुसरे दिन सोमवार होने से दो दिनों तक महाशिवरात्रि पर्व भक्ति-भावना एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। यहां रविवार को दिन भर श्रद्धालु शिव भक्त महादेव के जैकारे लगते रहें, श्रद्धालु भक्तों ने विशेष पूजा-अर्चना के साथ जलाभिषेक कर परिवारजनों के लिए खुशहाली की मन्नतें मांगी, संध्या आरती के बाद यहां पर शिव भक्तों की रेलमपेल बढ़ती गई।रात्रि में एक शाम रामेश्वर महादेव के नाम भजन संध्या में सोहन लाल माली एण्ड पार्टी चोटिला की और से गणपति वंदना के बाद गुरू महिमा से भजन संध्या का आगाज किया और उसके बाद रामेश्वर महादेव एवं गुरुदेव की महिमा के बखान करते हुए एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियों पर पांडाल में उपस्थित गुरु देव की शिष्याओं ने एक ही तरह वेशभूषा धारण कर महादेव की भक्ति में झूमते हुए भक्ति संध्या में चार चांद लगा दिए गुरु भक्तों ने पुष्प वर्षा करते हुए उनका उत्साह वर्धन किया। भजन संध्या में पहुंचे नृत्य कलाकारों ने भी अपनी कलाओं का प्रदर्शन करते हुए श्रोताओं को भोर तक झूमने पर मजबूर कर दिया।इस दौरान भजन गायकों ने परम्परागत व आधुनिक वाद्ययंत्रों के साथ ऐसी ताल मिलाई की श्रद्धालु अल सुबह तक डटे रहे।भजन संध्या में पहुंचे राकेश भाटी शिवगंज, पुखराज कुमावत सुमेरपुर, रुघाराम चौधरी बाड़मेर,नदुभाई सोनी शिवगंज, अखिल भारतीय हिन्दू युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष महावीर मेवाडा, सोनाराम कुमावत,मदनसिंह गुडिया,कैलाश मेवाडा सहित प्रबुद्धजन उपस्थित थे।*रामेश्वर महादेव का गुलाब व कमल के फूलों से किया गया विशेष श्रृंगार:-* महाशिवरात्रि के अवसर आयोजित दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के दौरान शिव भक्तों की और से शिवलिंग का गुलाब व कमल के फूलों से विशेष श्रृंगार के बाद संत मनसुख हिरापुरी जी महाराज के सानिध्य में चारों प्रहरों की महाआरती के साथ विशेष पूजा अर्चना के कार्यक्रम संपन्न हुएं। रात 12 बजे की पूजा में शिवलिंग पर पंचामृत शुद्ध जल,गंगा जल से स्नान करवाने के बाद महाकाल की पूजा व आरती में भस्मी से श्रृंगार करवाया गया।*शिव आराधना से मन शांत होता है:- हिरापूरी* शिव आराधना से मन शांत को शांति प्राप्त होती है तथा मन के विचार शांत होते हैं।यह बात संत मनसुख हिरापुरी जी महाराज ने भजन संध्या में उपस्थित श्रद्धालु भक्तों से कही,उन्होंने कहा कि शिव ने स्वयं कैलाश पर्वत पर निवास कर अपने आपको शीतल कर लिया कि उसके नाम को लेने वाला भी शीतलता प्राप्त करता है।संत ने कहा कि शिव की कथा व ओम नमः शिवायः का जाप मनुष्य के कल्याण करने वाला है।भगवान शिव की आराधना तत्काल फल देने वाली है,भगवान शिव ही एक ऐसे देव है जो मात्र एक लोटा जल चढ़ाने से प्रसन्न हो जाते।
रिपोर्ट – नटवर मेवाड़ा
