
राजसमंद (Rajsamand) विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी द्वारा विधानसभा सत्र में उठाए गए तारांकित प्रश्न पर राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए विद्युत व्यवस्था सुधार के ठोस परिणाम प्रस्तुत किए हैं। विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि प्रदेश में विद्युत तंत्र के सुदृढ़ीकरण और कुशल प्रबंधन के कारण विगत दो वर्षों में ट्रांसमिशन हानि में लगभग 7 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी आई है। अजमेर निगम क्षेत्र में यह हानि लगभग 10 प्रतिशत से घटाकर मात्र 3.5 प्रतिशत रह जाना ऊर्जा क्षेत्र में बेहतर प्रशासन और तकनीकी सुधारों का प्रमाण है।विधानसभा में राजसमंद क्षेत्र की विद्युत समस्या को उठाते हुए विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने सांगठ, साकरोदा, सापोल, पीपली आचार्यान सहित आसपास के क्षेत्रों में वोल्टेज समस्या और अनियमित आपूर्ति का मुद्दा प्रमुखता से रखा। इसके जवाब में सरकार ने बताया कि सांगठ कला में 33 केवी जीएसएस स्थापित किया जा चुका है, साकरौदा में नए ट्रांसफार्मर लगाकर कम वोल्टेज की समस्या का समाधान किया गया है तथा सापोल क्षेत्र में भी 33 केवी सबस्टेशन स्थापित हो चुका है।विधायक दीप्ति माहेश्वरी की विशेष मांग पर सरकार ने आश्वासन दिया कि पीपली आचार्यान में भूमि की अनापत्ति (एनओसी) प्राप्त होते ही नया जीएसएस स्थापित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के औद्योगिक एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं को स्थायी राहत मिलेगी।विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कृषि फीडर पृथक्करण एवं किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के संबंध में भी प्रश्न उठाया, जिस पर सरकार ने बताया कि क्षेत्र में स्वीकृत 26 कृषि फीडरों में से कई पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगति पर है और किसानों को दिन में नियमित विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है।विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने सरकार द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए “बिजली मित्र” मोबाइल ऐप विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से उपभोक्ता बिल भुगतान और शिकायतों का पंजीकरण घर बैठे कर सकते हैं । साथ ही, आरडीएसएस योजना के तहत प्रदेश में अब तक 19 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिससे बिलिंग में पारदर्शिता आई हैविधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने कहा कि राज्य सरकार विद्युत आधारभूत ढांचे को मजबूत कर ग्रामीण, कृषि और औद्योगिक क्षेत्र को विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में राजसमंद क्षेत्र को स्थायी रूप से बेहतर विद्युत व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
