
राजसमंद (Rajsamand) राजसमंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप जिले को औद्योगिक एवं आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त होने जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा ₹7,280 करोड़ की “सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) निर्माण प्रोत्साहन योजना” को मंजूरी दी गई है, जो आत्मनिर्भर भारत और नेट ज़ीरो 2070 लक्ष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने इस योजना के अंतर्गत राजसमंद जिले में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स के निर्माण हेतु प्रोसेसिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने को लेकर केंद्रीय खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी को 28 नवंबर 2025 को पत्र लिखकर औपचारिक आग्रह किया था। अपने पत्र में सांसद ने अवगत कराया कि जीएसआई द्वारा किए गए सर्वेक्षणों में राजसमंद जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE) की उपलब्धता पाई गई है, जिससे यह जिला इस योजना के लिए अत्यंत उपयुक्त है।इस संबंध में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे द्वारा सांसद को अवगत कराया गया कि REPM निर्माण योजना को भारत सरकार द्वारा अधिसूचित किया जा चुका है तथा यह विषय भारी उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आता है। साथ ही योजना की अधिसूचना भारत के राजपत्र में प्रकाशित की जा चुकी है और वर्तमान में योजना के अंतर्गत वैश्विक प्रतिस्पर्धी बोली (बिडिंग) की प्रक्रिया प्रगति पर है।₹7,280 करोड़ की यह योजना देश में पहली बार 6,000 MTPA क्षमता की एकीकृत रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट निर्माण क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से लाई गई है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा, एयरोस्पेस और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों को मजबूती मिलेगी। इस योजना से न केवल आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि राजसमंद जिले में यह यूनिट स्थापित होती है, तो इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार, क्षेत्रीय औद्योगिक विकास और मेवाड़ अंचल की आर्थिक मजबूती को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने इस महत्वपूर्ण योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी तथा केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह राजसमंद को औद्योगिक मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगी।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
