
राजसमन्द (Rajsamand) स्थानीय उपनगर जावद क्षेत्र में गन्दे पानी की निकासी के लिए बन रहे नाले का निर्माण कार्य अटकने एवं नाले के अभाव में गन्दा व सीवरेज का दूषित पानी तालाब में घुलने को लेकर आक्रोशित ग्रामवासियों ने सोमवार को यहां कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन करते हुए जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा तथा बंद पड़ा काम शीघ्र पूर्ण कराकर राहत दिलाने की मांग की। जावद ग्राम से सैकड़ों लोग कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए जहां उन्होंने उक्म मुद्दे को लेकर रोष जताते हुए प्रदर्शन किया। इसके बाद कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। ग्रामवासियों ने कहाा कि इस बारे में पूर्व में भी ज्ञापन के जरिए कलक्टर को अवगत कराया गया परन्तु अनसुना कर दिया गया जिस कारण समस्या यथावत है। इसके चलते पिछले लम्बे समय से नाला निर्माण अधूरा पड़ा है। ज्ञापन में बताया गया कि क्षेत्र से निकलने वाले गन्दे पानी की समुचित निकासी के लिए नाथद्वारा रोड़ पर सोमनाथ चौराहा से धोइन्दा बस स्टेण्ड के बीच सड़क किनारे नाला निर्माण के लिए डीएमएफटी मद से वर्ष 2024 में 1.33 करोड़ रूपए लागत से कार्य शुरू हुआ था। इसमें सोमनाथ चौराहाा से जावद होते हुए धोइन्दा बस स्टेण्ड तक पक्का बड़ा नाला निर्माण कार्य प्रारम्भ हुआ तथा उक्त नाले का निर्माण वर्ष 2025 में लगभग पूर्ण भी हो गया परन्तु जावद ग्राम में एक जगह व्यक्तियों द्वारा नाला निर्माण के लिए अपनी जमीन नहीं छोड़ने एवं नाला निर्माण काम रूकवा दिए जाने के कारण उक्त नाले का काम बीच में ही अटक गया। बताया कि उक्त सम्पूर्ण क्षेत्र में नाला बनने पर आमजन को राहत मिलनेा देखते हुए लगभग सभी निजी खातेदारों ने अपनी कृषि व आवासी भूखण्ड आदि से जमीन छोड़कर नाला निर्माण में सहयोग दिया लेकिन गणेश नगर मोड़ व सामुदायिक भवन के सामने कतिपय व्यक्तियों द्वारा जमीन नहीं देने एवं सहयोग नहीं करने से निर्माण बीच में ही अटक गया। सार्वजनिक हित को दरकिनार कर उक्त व्यक्ति ने करीब 150 फिट भाग में अपनी भूमि समर्पित नहीं करने के कारण करीब एक किमी क्षेत्र में बनकर तैयार नाला अब तक अनुपयोगी है तथा गन्दे पानी की निकासी के जिस होने वाला यह कार्य अधर रमें है।बताया कि मात्र 150 फिट के भाग में नाला नहीं बन पाने के कारण गणेश नगर, शिव नगर व आसपास रिहायशी क्षेत्र से निकलने वाला घरों का गन्दा व सीवरेज का पानी बहकर पास स्थित तालाब में पहुंच रहा है। इससे तालाब का स्वच्छ पानी दूषित हो रहा है जो चिंता का विषय है। बताया कि तालाब का पानी दूषित होकर आसपास का वातावरण दुर्गन्धमय बन रहा है। इसमें चिंताजनक यह कि वर्तमान में उक्त विषैले पानी के कारण तालाब में हजारों मछलियां मर रही है जिसे देखकर ग्रामवासियों में आक्रोश है। लोगों को आशंका है कि सीवरेज के गन्दे पानी के साथ केमिकल घुलकर तालाब में आने से जलीय जीव काम कलवित हो रहे है। तालाब का दूषित पानी पीने से मवेशियों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बन गई है। ग्रामवासियों ने रोष जताते हुए कहा कि मात्र 150 फिट के भाग में नाला निर्माण अटका होने के कारण जहां पानी की निकासी अवरूद्ध हो रही है वहीं दूषित व गन्दा पानी तालाब में मिल रहा है तथा वातावरण दूषित हो रहा है। तालाब के पास विद्यालय होने के कारण बच्चों के बीमार पड़ने की भी आशंका है वहीं गन्दा पानी स्कूल के रास्ते व खेल मैदान में फैलने से विद्यार्थियों को दिक्कतें हो रही है। ज्ञापन में जनहित को देखते हुए उक्त मामले को गम्भीरता से लेकर बंद व अधूरा पड़ा नाला निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराकर क्षेत्रवासियों को राहत दिलाने की मांग की गई है। इस पर जिला कलक्टर ने शीघ्रता से कार्रवाई कराने का भरोसा दिलाया।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
