
राजसमंद (Rajsamand) विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने सदन में कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने नागरिकों को स्वास्थ्य का सच्चा अधिकार दिया है। चिकित्सा, स्वास्थ्य विभाग की अनुदान मांगों पर विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य का अधिकार केवल कानून तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि धरातल पर आधुनिक सुविधाएँ, चिकित्सक, दवाइयाँ, जांच और उपचार उपलब्ध होने पर ही वास्तविक रूप लेता है।जहाँ निरोगी तन हो मानव का, वहीं सच्चा वैभव बसता है,स्वस्थ समाज की नींव पर ही, विकसित राष्ट्र का स्वप्न सजता है।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत 25 लाख रुपये तक निःशुल्क उपचार सुविधा गरीब परिवारों को गंभीर बीमारी के दौरान आर्थिक संकट से राहत देती है और उनके भीतर आत्मविश्वास जगाती है। विशेष रूप से राज्य के बाहर सूचीबद्ध अस्पतालों में भी इस सुविधा से मरीजों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि गंभीर रोगों के इलाज के लिए महानगरों तक जाना आसान हो गया है।विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि पीएम‑राहत योजना जैसे कदम जीवन रक्षा के प्रति शासन की गंभीरता को दर्शाते हैं। इस योजना के तहत दुर्घटना के बाद सात दिनों तक पात्र पीड़ित को 1.5 लाख रुपये तक नकद रहित उपचार का अधिकार है, जो तुरंत इलाज और वित्तीय निश्चितता दोनों सुनिश्चित करता है। यह स्पष्ट है कि शासन व्यवस्था समय पर चिकित्सा सहायता और जीवन रक्षा पर केंद्रित है।उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की सच्ची परीक्षा गाँव के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचने में होती है। राजस्थान के भौगोलिक विस्तार और दूरस्थ क्षेत्रों में अभी भी प्राथमिक उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और संसाधन दोनों व्यर्थ होते हैं और गरीब परिवार असहाय हो जाता है।राजसमंद क्षेत्र की स्थिति पर ध्यान दिलाते हुए विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि यहाँ गंभीर उपचार के लिए अक्सर उदयपुर या भीलवाड़ा जाना पड़ता है। इसलिए जिला मुख्यालय पर चिकित्सा महाविद्यालय, नर्सिंग महाविद्यालय तथा आयुर्वेद महाविद्यालय की स्थापना आवश्यक है। इससे न केवल उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा शिक्षा और रोजगार सृजन होगा, बल्कि विशेषज्ञ चिकित्सा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी।उन्होंने ने आर.के. जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों और नर्सिंगकर्मियों के पदों में वृद्धि की जाए। क्योंकि भवन तभी उपयोगी होता है जब उसमें पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध हो।उन्होंने ने नोगामा, सथाना, जोधपुरा, बड़लिया, लवाणा, माजा नांदोड़ा, झांझर, मऊ, भूरवाड़ा, जुणदा खेड़ी, खंडेल और सोनियाणा में नए उप स्वास्थ्य केंद्र खोले जाने चाहिए।आत्मा, बामन टुकड़ा, महासतियो की मादड़ी, बिनोल, 88, पुठोल, फरारा, देवपुरा, चौकड़ी, पछमता, जुणदा, गोगाथला उप स्वास्थ्य केंद्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा साकरोदा, मोही और सांगठकला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत करना आवश्यक है। इससे स्थानीय स्तर पर ही उपचार संभव होगा और रेफरल का दबाव कम होगा।जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डिजिटल एक्स-रे, ट्रू-नैट और सीबी-नैट मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, क्योंकि समय पर जांच ही जीवन बचाती है। शहरी क्षेत्र में अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थापना भी आवश्यक हैविधायक दीप्ति माहेश्वरी ने ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा के विस्तार, डिजिटल उपकरणों की उपलब्धता और रोकथाम‑आधारित कार्यक्रमों पर निरंतर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि स्वास्थ्य केवल उपचार नहीं, बल्कि विकास का आधार है; स्वस्थ नागरिक ही सशक्त राष्ट्र बनाते हैं।“निरोगी जन की शक्ति से ही, राष्ट्र सशक्त बन पाता है,स्वस्थ समाज के हाथों में ही, विकास का दीप जलता है।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत

