
पाली (Pali) विधायक भीमराज भाटी ने सोमवार को महाराणा प्रताप की जन्म स्थली के विकास कराने ने की मांग का मुद्दा विधानसभा में उठाकर विकास कराने की मांग की। भाटी ने कहा कि इतिहासकारों और जनश्रुति के अनुसार धानमंडी में स्थित जूनी कचहरी को महाराणा प्रताप का ननिहाल एवं जन्मस्थली माना जाता है। इतने वर्षों के बाद भी इस ऐतिहासिक स्थल का समुचित विकास नहीं हो पाया है। जबकि यह स्थान ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है इसलिए इसे पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित किया जाना चाहिए। विधायक ने सरकार से यह भी मांग की गई है की पाली के मेडिकल कॉलेज का नाम महाराणा प्रताप की माता जयवंतादेवी के नाम पर रखा जाए। जिससे महाराणा प्रताप और उसकी मातृश्री के गौरवशाली इतिहास को उचित सम्मान मिल सके। विधायक भाटी ने कहा कि 1997 में राज्य सरकार द्वारा मनाए जाने वाले प्रताप वर्ष के निमित्त नगर पालिका के तत्कालीन सभापति ने जूनी कचहरी पाली स्थित भूमि को सुरक्षित रखा व नामकरण प्रताप की ननिहाल हुआ। 2001 में तत्कालीन कलेक्टर की अध्यक्षता में इतिहासकारों की गोष्ठी रखी गई, जिसमें प्रताप के जन्म स्थल व ननिहाल की भूमि होने की पुष्टि की गई। प्रति वर्ष इस भूमि पर प्रताप जयंती समारोह समिति व नगर निगम द्वारा धूमधाम से मनाया जाने लगा है । 2011 में नगर परिषद के तत्कालीन सभापति, कलेक्टर व समिति के संयुक्त प्रयासों द्वारा इस भूमि पर महाराणा प्रताप की आदमकद प्रतिमा स्थापित की गई।2014 को राजस्थान धरोहर संरक्षण व प्रोन्नति प्राधिकरण के तत्कालीन अध्यक्ष आए व इस भूमि को विकसित करने का निर्णय लिया गया था लेकिन अभी कुछ नहीं हुआ।
रिपोर्ट – घेवरचन्द आर्य
