Mumbai : वार्ड नंबर 131 से Rakhee Jadhav की जीत, चौथे कार्यकाल की ओर बढ़ीं अनुभवी नगरसेविका

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मुंबई (Mumbai) की स्थानीय राजनीति में राखी जाधव ने एक बार फिर वार्ड नंबर 131 से नगरसेविका पद पर जीत दर्ज करते हुए क्षेत्र में अपना मजबूत जनाधार साबित किया है। यह जीत उनके लंबे राजनीतिक अनुभव, निरंतर जनसंपर्क और ज़मीनी स्तर पर किए गए कार्यों का परिणाम मानी जा रही है।

रामाबाई नगर से शुरू हुआ राजनीतिक सफर

राखी जाधव का चौथा कार्यकाल होने जा रहा है। उन्होंने पहली बार वर्ष 2007 में रामाबाई नगर से चुनाव लड़ा था। समय के साथ वार्ड नंबर और आरक्षण की स्थिति बदली, लेकिन क्षेत्र के लोगों से उनका जुड़ाव और स्थानीय मुद्दों पर उनकी सक्रियता लगातार बनी रही।

निरंतरता को प्राथमिकता देने वाली राजनीति

तीन बार नगरसेविका रह चुकी राखी जाधव के अनुसार पुनर्विकास के दबाव से जूझ रहे वार्डों में निरंतरता बेहद आवश्यक होती है। ऐसे इलाकों में एक पांच वर्षीय कार्यकाल अक्सर बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए पर्याप्त नहीं होता। वार्ड 131 पहले से ही एक लो-लाइंग क्षेत्र रहा है, जहां स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज, सीवर और पानी की लाइनें वर्ष 1964 में डाली गई थीं। वर्तमान में बड़े पैमाने पर हो रहे पुनर्विकास के कारण इन बुनियादी सुविधाओं पर दबाव कई गुना बढ़ गया है।

री-डेवलपमेंट के दबाव से जूझता वार्ड 131

री-डेवलपमेंट के चलते वार्ड 131 की तस्वीर तेज़ी से बदल रही है। जिन इमारतों में पहले लगभग 30 परिवार निवास करते थे, वहां अब 100 से अधिक परिवार रह रहे हैं। आबादी में इस वृद्धि का सीधा असर ट्रैफिक व्यवस्था, पैदल चलने वालों की सुविधाओं और खुले स्थानों की उपलब्धता पर दिखाई दे रहा है। ये मुद्दे अब क्षेत्र के नागरिकों के रोज़मर्रा के जीवन का हिस्सा बन चुके हैं।

जनसेवा को बनाया राजनीति का आधार

जनसेवा राखी जाधव की राजनीति का केंद्र रही है। सड़क निर्माण, पाइपलाइन मरम्मत, जलनिकासी, स्वच्छता और अन्य बुनियादी नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में उनकी नियमित मौजूदगी देखी गई है। पर्यावरण संरक्षण को लेकर पौधारोपण और पौधों के वितरण जैसे अभियानों के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियों और प्रतियोगिताओं का आयोजन भी उनके कार्यकाल की पहचान रहा है।

ज़मीनी जुड़ाव और लगातार जनसंपर्क

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, उनकी सादगी, सहज व्यवहार और हर व्यक्ति से सीधे संवाद करने की शैली ने उन्हें वार्ड 131 में व्यापक स्वीकार्यता दिलाई है। पार्टी पहचान से अलग, व्यक्तिगत भरोसे के आधार पर उन्हें लगातार समर्थन मिलता रहा है।

वार्ड 131 में फिर कायम रहा जनता का विश्वास

वार्ड नंबर 131 से मिली इस जीत के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि जनता ने अनुभव, निरंतरता और ज़मीनी कामकाज को प्राथमिकता दी है। चौथे कार्यकाल के दौरान राखी जाधव के सामने पुनर्विकास से जुड़ी चुनौतियों के साथ बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है, जिसे लेकर क्षेत्र में अपेक्षाएं भी ऊंची हैं।

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