
जैसलमेर (Jaisalmer) कृषि विज्ञान केंद्र में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य अतिथि कुलगुरु प्रो. आर. बी. दुबे ने कृषि विज्ञान केंद्र को बीज उत्पादन की दिशा में सार्थक प्रयास करते हुए जीरा एवं इसबगोल की नई प्रजाति के प्रदर्शन एव बीज उत्पादन कार्यक्रम को वृहद् स्तर पर करने की आवश्यकता बताई। साथ ही जिले की मांग अनुरूप प्रमुख फसलों जीरा एवं इसबगोल की उन्नत किस्मो जैसे जोधपुर जीरा 01, इसबगोल की प्रताप ईसबगोल 01, RI-01 , HI-05 के तुलनात्मक प्रदर्शन केन्द्र पर किसानो की जानकारी बढ़ने के साथ व्यापक प्रसार पर विशेष बल दिया। आर्गेनिक फार्मिंग के साथ किसानो के घर-घर तक किचन गार्डन तकनीक को पहुचाने पर काम करने पर महत्ती आवश्यकता बताई। उन्होंने जिले में सब्जी-बागवानी क्षेत्र, आलू के केन्द्र द्वारा चलाए जा रहे फसल विविधिकरण नवाचार एवं मूंगफली की फसल में आ रही समस्याओ को देखते हुए तिल का क्षेत्र बढाने के लिए किसानो को प्रोत्साहित करने के लिए निर्देशित किया। बैठक के दौरान डॉ.दीपाली धवन, निदेशक, प्रसार निदेशालय ने खड़ीन उत्पादों, केर सांगरी प्रसंस्करण पर केन्द्र के कार्याे को सराहते हुए इन्हें ब्रांड रूप में स्थापित करने की दिशा में बेहतर ढंग से कार्य करने की आवश्यकता बताई। साथ ही उन्होंने केन्द्र द्वारा बाहरवीं के छात्रों को कृषि विषय के चयन के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में जागरूकता कार्यक्रम, एक्सपोज़र विजिट इत्यादि आयोजित करने पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र जैसलमेर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. दीपक चतुर्वेदी ने केन्द्र के द्वारा किये गए विभिन्न क्रिया कलापों एवं कार्याे का प्रगति प्रतिवेदन एवं आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की। बैठक में जिले के कृषि एवं पशुपालन विभागों के अधिकारी डॉ. जे. आर भाखर, डॉ. उमेश वंगटीवार, डॉ. आर. एस. मेहता, डॉ. भूपेंद्रसिंह , डॉ. बी. आर. बकोलिया, सीताराम जाट, छुगसिंह राठोड़, पी. एस. कुशवाहा, डॉ. मनीष मीणा तथा डॉ. दशरथ प्रसाद आदि ने केन्द्र के लिए आगामी कार्य सुझाव साझा किए।
रिपोर्ट – कपिल डांगरा
