
जैसलमेर (Jaisalmer) विधायक छोटूसिंह भाटी ने राजस्थान विधानसभा में बजट वर्ष 2026-27 की ऊर्जा विभाग से संबंधित मांगों पर चर्चा के दौरान अपने विचार अत्यंत प्रभावशाली एवं तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत किए। विधायक भाटी ने अपने वक्तव्य की शुरुआत करते हुए माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कुशल मार्गदर्शन में राजस्थान ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश में अग्रणी स्थान पर स्थापित हुआ है, जिसमें जैसलमेर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।विधायक भाटी ने बताया कि पिछले दो वर्षों में जैसलमेर विधानसभा क्षेत्र में 220 केवी, 132 केवी तथा 33/11 केवी के ऐतिहासिक जीएसएस स्थापित कर विद्युत तंत्र को सुदृढ़ करने का अभूतपूर्व कार्य हुआ है। इससे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता एवं गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आया है।विधायक भाटी ने कहा कि जैसलमेर में बड़े स्तर पर सोलर परियोजनाएँ स्थापित हो रही हैं, जो राष्ट्र को स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करने में सहायक हैं किंतु यह आवश्यक है कि सोलर संयंत्रों को ग्राम आबादी से दूर स्थापित किया जाए तथा उनके चारों ओर वनीकरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे पर्यावरणीय संतुलन बना रहे और स्थानीय जनजीवन प्रभावित न हो। सरकार से मांग करते हुए बताया कि हम उर्जा उत्पादन करके पुरे राजस्थान को विद्युत् सप्लाई देते है हमारे को विद्युत् कनेक्शन के बिलों में अन्य जिलो की उपेक्षा में विशेष छुट प्रदान करवाई जाये।वर्तमान में विभाग द्वारा संचालित विद्युत बिल रिकवरी अभियान के संदर्भ में विधायक भाटी ने सरकार से अनुरोध किया कि किसानों को एक माह की अतिरिक्त मोहलत प्रदान की जाए, ताकि वे फसल कटाई के पश्चात बाजार में उपज विक्रय कर आर्थिक रूप से सक्षम होकर बिल राशि जमा कर सकें।विधायक भाटी ने कहा कि जैसलमेर जैसे विशाल भौगोलिक क्षेत्र में एफआरटी व्यवस्था को अप्रभावी बताते हुए ठेका पद्धति समाप्त कर विभाग को स्थायी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की, जिससे उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सके।जैसलमेर एक विश्वप्रसिद्ध हेरिटेज एवं पर्यटन नगरी है, किंतु शहर का विद्युत तंत्र वर्षों पुराना होने से आए दिन फाल्ट की समस्या उत्पन्न होती रहती है। इससे शहरवासियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है। विधायक भाटी ने सरकार से आग्रह किया कि शहर की पुरानी विद्युत लाइनों को शीघ्र परिवर्तित कर भूमिगत (अंडरग्राउंड) किया जाए, जिससे सौंदर्गीकरण के साथ-साथ निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।कृषि बेल्ट से जुड़े फीडरों में 6 घंटे आपूर्ति के बाद थ्री फेज सप्लाई बंद कर दिए जाने से पेयजल योजनाएँ बाधित हो रही हैं, जिससे आमजन एवं पशुधन हेतु पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इस समस्या के समाधान हेतु सरकार स्तर पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग भी उन्होंने सदन में रखी।अंत में विधायक भाटी ने कुसुम योजना के अंतर्गत जैसलमेर को विशेष वरीयता प्रदान करने की मांग करते हुए कहा कि इससे जिले में विद्युत तंत्र के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस परिणाम प्राप्त होंगे।r
रिपोर्ट – कपिल डांगरा
