
जैसलमेर (Jaisalmer) बजट कर्मचारी, संविदा कार्मिकों, मानदेय कार्मिकों, एवं पेंशनर्स को लेकर अंत्यंत निराशाजनक रहा है।कर्मचारीसंघ अध्यक्ष भंवरलाल गर्ग ने बताया कि आज का बजट कर्मचारियों के लिए घोर निराशाजनक है। कर्मचारियों के विषय में आज के बजट में सरकार ने एक कदम पीछे आने का काम किया है। जहां पिछले बजट में सरकार ने पदोन्नति विसंगति दूर करने के लिए का देर पुनर्गठन करने की घोषणा की थी इस बजट में तो पदोन्नति विसंगति वेतन विसंगति यहां तक की केंद्र के चरणबद्ध आठवें वेतन आयोग लागू करने के फार्मूले का समर्थन करते हुए 2027 में प्रस्तावित आठवीं वेतन आयोग तक के लिए कमेटी गठन के नाम पर छलावा किया गया है। सरकार ने कर्मचारियों का तो भला नहीं किया लेकिन जिस लंबी समयावधि के लिए समिति के गठन की घोषणा की गई है उससे तो यह लगता है कि प्रदेश के तीन-चार सेवानिवृत अधिकारियों को 3 साल का रोजगार अवश्य मिल जाएगा। सरकार कर्मचारियों के मुद्दों को समझ रही है लेकिन समितियां का माया जाल फैला रही है। कर्मचारियों के कैडर संबंधी विसंगतियां दूर करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठन के संबंध में है तो मुख्यमंत्री के द्वारा 26 जनवरी को घोषणा कर दी गई थी उससे ज्यादा उच्च स्तरीय और कौन सी समिति गठित होगी –प्रदेश के 8:50 लाख कर्मचारीयों, 5 लाख संविदा कर्मियों 2.5 लाख से ज्यादा मानदेय कर्मियों के बारे में आज के बजट में एक भी घोषणा नहीं की गई है। जिससे कर्मचारियों में भयंकर आक्रोश एवं निराशा है।आज के बजट के बाद यह सिद्ध हो गया है कि वर्तमान सरकार पूरी तरह असंवेदनशील एवं संवाद हीन है।
रिपोर्ट – कपिल डांगरा
