
जैसलमेर (Jaisalmer) शहर के जैसलमेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक (JCCB) में नकदी की भारी कमी के चलते ग्रामीण इलाकों से आए किसान, मजदूर और आम खाताधारक अपने ही पैसों के लिए भटक रहे हैं। बैंक शाखाओं में ताले लटके होने या नकदी खत्म होने के नोटिस के कारण लोगों में भारी आक्रोश है। भीड़ में परेशान हो रहे फतनखां ने बताया कि दूर-दराज के गाँवों से आने वाले ग्राहक, जिनकी मनरेगा मजदूरी और पीएम आवास योजना की राशि फंसी है,शहर के बुजुर्ग अपनी जमा राशि निकालने हेतू बैंक और जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है नगदी का भीषण संकट: बैंक खातों में पैसा जमा है, लेकिन निकासी (Withdrawal) के लिए बैंक के पास फंड नहीं है, जिससे वित्तीय अराजकता जैसी स्थिति है।प्रशासनिक उदासीनता: सूचना मिलने के बावजूद बैंक अध्यक्ष और जिला कलेक्टर स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भारी आक्रोश है।पुरानी फाइलों में बड़ा घोटाला: बताया जा रहा है कि पूर्व में इस बैंक में पूर्व विधायक के जमाई द्वारा बड़ा घोटाला किया गया था, जिसकी जाँच को रसूखदारों ने ठंडे बस्ते में डाल रखा है।ग्रामीण परेशान: गरीब तबका अपनी जरूरतों के लिए परेशान है, जबकि बैंक अधिकारी फंड आने का झूठा दिलासा दे रहे हैं। खाताधारकों की मेहनत की कमाई को लेकर चल रही इस बदहाली ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। जनता अब मुख्यमंत्री के स्तर पर हस्तक्षेप की मांग कर रही है।
रिपोर्ट – कपिल डांगरा
