
भीलवाड़ा (Bhilwara) बाल व महिला चेतना समिति तथा डायरेक्ट एक्शन फॉर वूमेन नाऊ के संयुक्त तत्वावधान में रूपी देवी कॉलेज, मांडल में छात्राओं के लिए लैंगिक भेदभाव एवं जेंडर समानता विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. ज्योति द्वारा अतिथियों के स्वागत एवं परिचय से हुई। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को इस विषय की प्रासंगिकता से अवगत कराया। संस्था अध्यक्ष तारा अहलूवालिया ने कहा कि कम उम्र में ही जेंडर से जुड़े मुद्दों को समझना बेहद जरूरी है, ताकि समाज में समानता की सोच को मजबूत किया जा सके। कार्यशाला की मुख्य वक्ता उदयपुर से आई शशि प्रभा ने छात्राओं को दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से जेंडर की अवधारणा को बेहद सरल और प्रभावी ढंग से समझाया। उन्होंने घर-परिवार में लड़का-लड़की के बीच किए जाने वाले भेदभाव, काम के बंटवारे, शिक्षा और केरियर से जुड़े सामाजिक नजरिए पर विस्तार से चर्चा की। शशि प्रभा ने बताया कि जेंडर समानता केवल महिलाओं का विषय नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उनके संवादात्मक अंदाज़ ने छात्राओं को सोचने, सवाल करने और अपनी बात रखने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में कॉलेज की सचिव टीना गुर्जर ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं से विद्यार्थियो की मुद्दे के प्रति संवेदनशीलता और समझ विकसित होती है। इसके साथ ही उन्होंने भीलवाड़ा में लड़कियों के लिए शॉर्ट स्टे होम की सुविधा न होने पर चिंता जाहिर की और इसकी आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर संस्था की ओर से श्याम लाल, भावना, परमेश सहित महाविद्यालय के स्टाफ व 300 छात्राएं उपस्थित रही।
रिपोर्ट – पंकज पोरवाल
