
*बाड़मेर (Barmer) जयपुर* राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक गायन परंपरा को संरक्षित करने के लिए ग्रामीण विकास एवं चेतना संस्थान और रूमा देवी फाउंडेशन द्वारा 29 व 30 मार्च को वाणी उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक आयोजन की आवेदन प्रक्रिया 20 फरवरी से शुरू हो गई है। उत्सव में भाग लेने वाले कलाकारों को दानजी भजनी पुरस्कार के तहत लाखों रुपये के पुरस्कार और वाद्य यंत्र भेंट किए जाएंगे।फाउंडेशन की निदेशक और सामाजिक कार्यकर्ता रूमा देवी ने बताया कि हमारे देश की वीणा भजन गायन परंपरा सदियों पुरानी है, लेकिन बदलते समय और आधुनिकता के प्रभाव के चलते यह लुप्त होने के कगार पर है। नई पीढ़ी धीरे-धीरे पारंपरिक संगीत से विमुख होती जा रही है, जिससे इस समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के अस्तित्व पर संकट गहराता जा रहा है। वाणी उत्सव का मुख्य उद्देश्य भक्तिकाल के पूर्व से चली आ रही इस विलुप्त होती परंपरा को संरक्षित करना, वाणी गायकों को मंच प्रदान करना और युवा पीढ़ी को कबीरदास, मीराबाई, गोरखनाथ और डूंगरपुरी जैसे संतों से परिचय करवाकर वीणा पर वाणी गायन को पुनर्जीवित करना है।*दानजी की स्मृति में दिया जाता है यह प्रतिष्ठित पुरस्कार*स्वर्गीय दान सिंह राजस्थान के प्रसिद्ध वीणा भजन कलाकार थे, जिन्होंने अपनी संगीत यात्रा केवल 15 वर्ष की आयु में शुरू की और लगभग 85 वर्ष तक अपने सुरों से लोगों को भाव विभोर करते रहे। वीणा से निकली उनकी धुनें न केवल भक्ति और अध्यात्म से ओत-प्रोत थीं, बल्कि वे वीणा गायन परंपरा के जीवंत प्रतीक भी थे। उनके अतुल्य योगदान को अमर बनाने के लिए दानजी भजनी पुरस्कार की शुरूआत की गई, जो आज लोक कलाकारों के लिए संगीत के क्षेत्र में प्रतिष्ठा और सम्मान का प्रतीक बन चुका है। इस पुरस्कार का उद्देश्य न केवल वीणा भजन परंपरा को संरक्षित करना है, बल्कि उन कलाकारों को मंच प्रदान करना है जो इस विधा को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित हैं।*इस बार पाबूजी की फड़/पड़ भी होगी आकर्षण*वाणी उत्सव में पहली बार पाबूजी की फड़/पड़ को शामिल किया गया है। इस दौरान स्थानीय लोक कलाकारों के द्वारा रावण हत्था की सुरीली तान पर पाबूजी की फड़/पड़ का वाचन किया जाएगा। इस हेतु फङ वाचन के लिए विशेष मंच तैयार किया जाना प्रस्तावित है।*हरजस महोत्सव होगा विशेष आकर्षण*संस्थान के सचिव विक्रम सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष की भांति वाणी उत्सव के साथ हरजस महोत्सव का भी आयोजन किया जाएगा। माताओ बहनो द्वारा बिना वाद्य यंत्र के समूह गान द्वारा हरि का जसगान करने की समृद्ध परम्परा रही है। इसे भी पुनर्स्थापित कर नई पीढ़ी तक पंहुचाने का यहाँ प्रयास होगा।रूमा देवी ने बताया कि वाणी उत्सव के प्रति वर्ष आयोजन से न केवल इस परंपरा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय समुदाय और पर्यटकों को भी राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष वाणी उत्सव में 500 से अधिक कलाकारों को मंच और पहचान मिली थी। इस उत्सव में राजस्थान ही नहीं बल्कि गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों से भी वीणा गायक कलाकार भाग लेने के लिए आए थे। इस वर्ष आयोजन को और विस्तार दिया जाएगा जिससे कि अधिक से अधिक कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने और इस परंपरा को आगे बढ़ाने का अवसर मिल सके।*पांच श्रेणियों में छह कलाकारों को मिलेगा सम्मान*दानजी भजनी पुरस्कार पांच श्रेणियों में कुल छह कलाकारों को प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक चयनित कलाकार को ₹25,000 नकद, प्रशस्ति पत्र, शॉल और श्रीफल ससम्मान प्रदान किया जाएगा।नवोदित कलाकार श्रेणी उन युवा प्रतिभाओं के लिए है, जिनकी आयु 25 वर्ष तक है और जिन्होंने भजनी परंपरा में उल्लेखनीय कौशल प्रदर्शित किया है। युवा कलाकार श्रेणी 25 से 60 वर्ष तक के उन प्रतिभाशाली कलाकारों को समर्पित है, जो अपने गायन और साधना से इस विधा को समृद्ध बना रहे हैं। वरिष्ठ कलाकार श्रेणी 60 वर्ष से अधिक आयु के अनुभवी कलाकारों के लिए है, जिन्होंने अपने जीवनकाल में इस परंपरा को जीवंत बनाए रखा है। इस श्रेणी में इस वर्ष दो गायकों को यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। विशेष सम्मान श्रेणी उन व्यक्तियों, संस्थानों या संगठनों के लिए है, जिन्होंने वीणा भजन परंपरा के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सोशल मीडिया प्रचार श्रेणी में वीणा भजनों को डिजिटल माध्यमों से प्रसारित करने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले को सम्मानित किया जाएगा।इसके अलावा उन समर्पित कलाकारों को लाखों रुपये के वीणा वाद्य यंत्र भेंट कर सम्मानित किए जाएंगे जो वाणी गायन परंपरा को संजोने और इसके प्रचार-प्रसार में विशेष रूचि रखते हैं। *यहाँ कर सकते हैं आवेदन*मारवाड़ के भजन सम्राट दान सिंह की पुण्य स्मृति में आयोजित होने वाले पुरस्कार समारोह और वाणी उत्सव में भाग लेने के लिए इच्छुक कलाकार रूमा देवी फाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट www.rumadevifoundation.org पर जाकर गूगल फॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन निशुल्क आवेदन कर सकते हैं। मोबाईल, कंप्यूटर या ई-मित्र के माध्यम से आसानी से आवेदन किया जा सकता है। चयन प्रक्रिया के तहत, प्राप्त आवेदनों की समीक्षा चयन समिति द्वारा की जाएगी, जिसके बाद योग्य कलाकारों की घोषणा की जाएगी।
रिपोर्ट – ठाकराराम मेघवाल
