
जैसलमेर (Jaisalmer) प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाली देश की अग्रणी संस्था आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) ने भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य सेवारत जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराना है। यह सहयोग देशभर में एईएसएल के केंद्रों के माध्यम से सुनियोजित छात्रवृत्ति योजनाओं, नियमित मार्गदर्शन और करियर परामर्श के जरिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग तक पहुंच को और व्यापक बनाने पर केंद्रित है।यह पहल सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मियों, वीरता पुरस्कार प्राप्त जवानों, दिव्यांग सैनिकों तथा ड्यूटी के दौरान शहीद हुए जवानों के परिवारों को लाभ पहुंचाएगी। इसे एक दीर्घकालिक सहयोग कार्यक्रम के रूप में तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य आर्थिक बोझ को कम करते हुए उन छात्रों की शैक्षणिक तैयारी को मजबूत बनाना है, जो प्रतियोगी क्षेत्रों में अपना करियर बनाना चाहते हैं।इस समझौते के तहत एईएसएल सेवा शर्तों के आधार पर पात्र कर्मियों और उनके बच्चों को विशेष छात्रवृत्ति प्रदान करेगा। यह छात्रवृत्ति कार्यक्रम पाँच वर्षों तक चलेगा। यह योजना एईएसएल की पहले से चल रही मेधावी छात्रवृत्ति पहलों के साथ मिलकर काम करेगी, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली अकादमिक कोचिंग तक पहुंच मिल सके।अधिक से अधिक छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एईएसएल राष्ट्रीय स्तर पर छात्रवृत्ति और प्रतिभा पहचान परीक्षाएं आयोजित करेगा। इनमें आकाश नेशनल टैलेंट हंट एग्जाम (ANTHE) जैसी परीक्षाएं भी शामिल होंगी। ये परीक्षाएं बीएसएफ और सेना के स्कूल परिसरों या एईएसएल के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाना है, ताकि देशभर के पात्र छात्र आसानी से इसमें भाग ले सकें।भारतीय सेना के जवानों और उनके परिवारों के लिए छात्रवृत्ति सहायता ● ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सैनिकों के बच्चों के लिए केवल पंजीकरण शुल्क देय होगा, बाकी सभी शुल्क पूरी तरह माफ। ● 20 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले सैनिकों और वीरता पुरस्कार प्राप्त कर्मियों के बच्चों के लिए 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस माफी। ● सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मियों के बच्चों के लिए ट्यूशन फीस में 20 प्रतिशत की छूट (अन्य छात्रवृत्तियों की कटौती के बाद लागू)।बीएसएफ कर्मियों और उनके परिवारों के लिए छात्रवृत्ति सहायता :● सेवा के दौरान शहीद हुए कर्मियों के बच्चों के लिए ट्यूशन और अन्य शैक्षणिक शुल्क पूरी तरह माफ; केवल पंजीकरण/प्रवेश शुल्क देय। ● 20 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता या वीरता सम्मान प्राप्त कर्मियों के बच्चों के लिए 90 प्रतिशत ट्यूशन फीस में छूट (आवश्यक प्रमाणपत्र के आधार पर) । ● 20 प्रतिशत से कम दिव्यांगता वाले कर्मियों के लिए 50 प्रतिशत ट्यूशन फीस में छूट। ● सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मियों के बच्चों के लिए 20 प्रतिशत ट्यूशन फीस में रियायत (अन्य पात्र छात्रवृत्तियों के बाद लागू)।आकाश एजुकेशनल सर्विसेज़ लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंद्रशेखर गरिसा रेड्डी ने कहा, “हम मानते हैं कि शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ यह साझेदारी हमारे वीर जवानों के त्याग को सम्मान देने का एक प्रयास है। छात्रवृत्ति, मेंटरिंग और परामर्श के माध्यम से हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे सैनिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सही मार्गदर्शन मिले, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सकें और अपने क्षेत्र में नेतृत्व की भूमिका निभा सकें।”आर्थिक सहायता के अलावा, दोनों समझौतों के तहत छात्रों को लगातार शैक्षणिक मेंटरिंग, करियर मार्गदर्शन और काउंसलिंग सेवाएं भी दी जाएंगी। यह सहयोग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध रहेगा, ताकि छात्रों को हर स्तर पर सहायता मिल सके। इसके साथ ही, इन छात्रवृत्ति कार्यक्रमों की जानकारी सभी रक्षा इकाइयों और संस्थानों के माध्यम से व्यापक रूप से साझा की जाएगी, ताकि काबिल छात्र समय पर आवेदन प्रक्रिया को समझ सकें और इसका लाभ उठा सकें।ये विशेष छात्रवृत्तियां एईएसएल की मौजूदा छात्रवृत्ति योजनाओं के अतिरिक्त होंगी, जो प्रवेश लेने वाले सभी छात्रों के लिए पहले से उपलब्ध हैं।उल्लेखनीय है कि इससे पहले एईएसएल द्वारा सीआरपीएफ के साथ भी इसी प्रकार का समझौता किया जा चुका है।
रिपोर्ट – कपिल डांगरा
