
राजसमंद (Rajsamand) नाथद्वारासमग्र विकास के लिए खेल आवश्यक है, स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है, बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए शिक्षा के साथ खेल भी आवश्यक है। समय-समय पर इस तरह के आयोजनों से प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलता है। यह विचार अर्न्तराष्ट्रीय तैराक जगदीश तेली ने कही वे सोमवार को श्रीनाथजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एण्ड इंजीनियरिंग में खेल प्रतियोगिता के शुभारंभ पर कही उन्होने कहा कि किसी भी कार्य को मन से करना चाहिये, उसमें सफलता मिलना सुनिश्चित है एवं एक अच्छा खिलाडी अपने संस्थान का ब्रांड एम्बेसेडर होता है, इसिलिए उसे खेल के प्रति समर्पित रहना चाहिये।निदेशक अशोक पारिख ने खेल को खेल की भावना के साथ खेलने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि खेल खेल में भी काफी कुछ सिखा जाता है, खेलो से अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम वर्क की भावना विकसित होती है और कहा कि अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए पूरे मनोयोग से समर्पित होकर कार्य करना चाहिए। डॉ कपिल पारिख ने खेल सप्ताह के तहत आयोजित होने वाले खेलों के बारे में जानकारी देते हुए सकारात्मक और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।शुभारम्भ कार्यक्रम का संचालन कोमल पालीवाल ने किया।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
