
राजसमंद (Rajsamand) उपली ओड़न स्थित श्रीनाथजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग में विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान में रुचि और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अवसर पर एमसेट इंडिया के रीजनल को-ऑर्डिनेटर एवं अनुभवी एमेच्योर सैटेलाइट ऑपरेटर राजेश वागड़िया ने विद्यार्थियों को हैम रेडियो, रेडियो कम्युनिकेशन तथा सैटेलाइट कम्युनिकेशन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एएमसी रेडियो निजी रेडियो संचार का एक वैज्ञानिक और तकनीकी शोध है। अमेच्योर रेडियो ऑपरेटर, जिन्हें हैम्स कहा जाता है, अपने घरों में रेडियो ट्रांसमीटर और रिसीवर स्थापित कर विश्वभर के अन्य हैम्स से संवाद करते हैं। इस शौक के माध्यम से रेडियो संचार तकनीकों में तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक ज्ञान विकसित होता है।उन्होंने विद्यार्थियों को सरल एवं रोचक भाषा में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के महत्व, अंतरिक्ष यात्रियों के जीवन, वहाँ की कार्यप्रणाली तथा अमेच्योर रेडियो क्रॉस-बैंड रिपीटर की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। साथ ही भारतीय मूल की प्रसिद्ध अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स एवं उभरते अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के योगदान पर भी प्रकाश डाला।इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को हैम रेडियो, सैटेलाइट संचार प्रणाली, फ्रीक्वेंसी, अपलिंक-डाउनलिंक एवं डॉप्लर प्रभाव जैसे तकनीकी विषयों को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया।इस अवसर पर संस्थान के निदेशक अशोक पारीख एवं एकेडमिक इंचार्ज कपिल पारीख ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में अपने विषय के साथ दूसरे विषय के प्रति रुचि बढ़ाने में सहायक होंगे और भविष्य के लिए उपयोगी होंगे। विद्यार्थियों ने जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका संतोषजनक उत्तर वक्ताओं ने दिया। कार्यक्रम के अंत में बेसिक साइंस विभागाध्यक्ष नवीन देराश्री ने मुख्य वक्ता राजेश वागड़िया को उपरना एवं स्मृति चिह्न भेंट कर आभार व्यक्त किया।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
