
भीलवाड़ा (Bhilwara) चित्तौड़गढ़ रामद्वारा के रामस्नेही संप्रदाय के प्रतिष्ठित संत एवं प्रखर वक्ता संत दिग्विजय राम का हाल ही में नौगांवा स्थित माधव गौशाला एवं सांवरिया सेठ मंदिर में आगमन हुआ। इस अवसर पर गौशाला परिवार और स्थानीय भक्तों ने संतश्री का भावपूर्ण अभिनंदन किया और उनका आतिथ्य सत्कार कर आशीर्वाद प्राप्त किया। अपने अल्प प्रवास के दौरान संत श्री ने माधव गौशाला का सूक्ष्म अवलोकन किया। उन्होंने स्वयं अपने हाथों से गौ-वंश को गुड़ और लापसी खिलाकर सेवा की। गौशाला की व्यवस्थाओं और वहां चल रहे सेवा कार्यों को देखकर वे अत्यंत अभिभूत नजर आए। उन्होंने इस पावन कार्य के प्रति अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भविष्य में गौ-कथा के आयोजन के लिए अपनी सहर्ष स्वीकृति भी प्रदान की। संत दिग्विजय राम ने गौशाला की डायरी में अपने शुभ संदेश के माध्यम से गौ-भक्तों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने लिखा जो सुख गौ माता की सेवा में है, वह दुनिया के किसी अन्य कार्य में नहीं है। उन्होंने परम पूज्य गौ विज्ञान अनुसंधान संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सांवरिया सेठ की कृपा से यह पुनीत कार्य निरंतर चलता रहे। उन्होंने प्रार्थना की कि प्रभु गौ-सेवकों को सामर्थ्य प्रदान करें ताकि गौ-सेवा के माध्यम से जन-कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता रहे। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष गोविंद प्रसाद सोडाणी ने बताया कि इस मंगलमय अवसर पर गौशाला के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ। संत के वचनों ने यह स्पष्ट कर दिया कि गौ-सेवा केवल एक कर्तव्य नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और ईश्वर प्राप्ति का सरल मार्ग है। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक सुरेश भाई ने संतश्री को सांवरिया सेठ की तस्वीर भेंट की। ट्रस्ट के मंत्री श्रवण सेन, मुकेश सोनी, पंडित अशोक व्यास, चंद्रप्रकाश आगाल, सुनील नवाल, गोपाल पलोड मौजूद थे। माधव गौशाला के अवलोकन के बाद उन्होंने श्री केशव स्मृति सेवा प्रन्यास की ओर से संचालित गुरु श्री क़ानिफनाथ घुमंतू छात्रावास अंबेडकर नगर का भी अवलोकन किया और बच्चों की गतिविधियों को देखकर उनकी सराहना की और कहां की परोपकारी बड़ी सेवा है किसी को परमार्थ भाव से ऊपर उठाना अच्छा है।
रिपोर्ट – पंकज पोरवाल
