
राजसमंद (Rajsamand) जिला मुख्यालय पर द्वारकेश बस्ती की ओर से 18 जनवरी को आयोजित होने वाले हिंदू सम्मेलन की तैयारियों जोर पकड़ा हैं। आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों ओर सर्व समाज के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में जेके मोड स्थित कार्यालय में हुई बैठक में सम्मेलन आयोजन व्यवस्था, जनभागीदारी पर विस्तृत चर्चा के साथ सम्मेलन की भव्यता और व्यवस्थाओं को लेकर अंतिम रूपरेखा तैयार की गई।हिंदू सम्मेलन के तहत 18 जनवरी दोपहर 1 बजे मुखर्जी चौराहा कुमावत समाज नोहरे से शोभायात्रा रवाना होगी, उसके बाद कार्यक्रम स्थल द्वारकेश वाटिका में अपरान्ह 4 बजे धर्मसभा आयोजित होगी।कार्यक्रम संयोजक चंद्र मोहन सोलंकी ने बताया कि बैठक में शोभायात्रा, बस्ती ओर प्रमुख चौराहे सजावट, पंडाल, बैठक, स्वागत, मंच व्यवस्था, प्रचार प्रसार, आमंत्रण टोली, सुरक्षा, अनुशासन, यातायात, वाहन पार्किंग, भोजन व्यवस्था सहित कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अन्य समितियों का गठन कर जिम्मेदारियों को बांटा गया। कार्यक्रम के तहत बस्ती के मुखर्जी चौराहा स्थित कुमावत समाज के नौहरे से शोभायात्रा रवाना होगी। जो मुखर्जी चौराहा, जेके मोड, मुख्य चौपाटी, कांकरोली बस स्टैंड होती हुई कार्यक्रम स्थल श्री द्वारकेश वाटिका में पहुंचकर धर्म सभा में परिवर्तित होगी। जहां साधु संतों ओर प्रबुद्धजनों की मौजूदगी में बौद्धिक होगा। शोभा यात्रा में पीले वस्त्र धारण किए मातृशक्ति के सिर पर 2100 कलश कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगा। इसके अलावा द्वारकाधीश का बैंड, डीजे , गायन बैंड ओर नासिक ढोल की गूंज के साथ धार्मिक ओर महापुरुषों से जुड़ी विभिन्न झांकियां शामिल होंगी। वहीं इसमें बस्ती के प्रमुख ठाकुरजी के बेवान को भी शोभायात्रा में शामिल होने का आमंत्रण दिया जाएगा। घर-घर दस्तक: पीले चावल और पत्रक से आमंत्रणसम्मेलन में अधिक से अधिक ओर जन-जन की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है। बैठक में निर्णय लिया गया कि बस्ती के साथ-साथ आसपास के सभी क्षेत्रों में टोली बनाकर घर-घर संपर्क किया जाएगा। प्रत्येक हिंदू परिवार को पीले चावल और निमंत्रण पत्रक भेंट कर इस धर्मसभा में सम्मिलित होने का आग्रह किया जा रहा है। आयोजन समिति का लक्ष्य समाज के हर वर्ग को एक सूत्र में पिरोकर इस समागम को ऐतिहासिक बनाना है।सह संयोजक अशोक रांका ने बताया कि कार्यक्रम में प्रत्येक हिन्दू परिवार को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। वहीं शोभायात्रा में अधिकतम महिलाओं का जुड़ाव हो उसके लिए मातृ शक्ति की गठित टोली द्वारा पूर्व पंजीयन किया जा रहा है।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
