
राजसमंद (Rajsamand) भामाखेड़ा में आयोजित श्री देवनारायण भगवान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के पांच दिवसीय महोत्सव में मंगलवार रात को आयोजित भजन संध्या में प्रेम शंकर जाट और मुरली वैष्णव के भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक भक्ति भाव से झूमते रहे। महोत्सव में गुरुवार को अंतिम दिन मंदिर में मूर्तियों की प्रतिष्ठा की जाएगी।राजसमंद के पूर्व विधायक बंशीलाल गहलोत ने बताया कि पांच दिवसीय महोत्सव के तहत मंगलवार रात को आयोजित भजन संध्या में गायक प्रेम शंकर जाट ने सांवरिया सेठ, प्रभु चारभुजा नाथ, भोलेनाथ सहित कई देवी देवताओं के भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भाव विभोर होकर झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में गायक मुरली वैष्णव ने भगवान गजानंद जी, हनुमान जी, चारभुजा नाथ एवं भोलेनाथ केभजनों की प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को पंडाल में देर रात तक भक्ति की डोर से बांधे रखा। संचालन डालचंद कुमावत लवाणा एवं विनायक जोशी ने किया। गहलोत ने बताया कि मंदिर में मूर्तियों की प्रतिष्ठा गुरुवार को प्रातः 9:15 बजे शुभ मुहूर्त में की जाएगी।महोत्सव के तहत बुधवार को प्रातः के समय पंडितों के सानिध्य में हवन में आहुतियां दी गई। उन्होंने बताया कि महोत्सव के तहत आयोजित मेले में सभी व्यापारियों एवं ठेले वालों को दुकान लगाने के लिए निशुल्क जमीन का आवंटन किया गया है। मेले में ग्रामीणों ने चाट-पकौड़ी के स्वाद का आनंद लिया। साथ ही दुकानों से घरेलू सामग्री एवं मौसम के अनुसार गर्म कपड़ों की खरीदारी भी की। कार्यक्रम में सरपंच संतोष देवी, भोपा लक्ष्मण गायरी, संपत लाल गायरी, मोहनलाल रूप लाल, गहरी लाल, रतन लाल, छोगालाल, शांतिलाल, लादू लाल, गोपाल जाट, राहुल खारोल, रामलाल उदयलाल खारोल ,आदि मौजूद थे।ऐतिहासिक है देवनारायण मंदिरभोपा मोहनलाल ने बताया कि भामाखेड़ा का देवनारायण मंदिर ऐतिहासिक है, जिसका जीर्णोद्धार करवाकर मूर्तियों की प्रतिष्ठा की जा रही है। उन्होंने बताया कि कहा जाता है कि इस मंदिर की प्रतिष्ठा महाराणा राजसिंह राजसमंद झील की स्थापना के साथ ही की थी। आपने बताया कि मंदिर की सेवा उनके पिता दल्लाराम सहित उनकी पीढ़ियां ही करती आ रही है।संविधान दिवस पर कार्यक्रमसंविधान दिवस के तहतमहोत्सव स्थल पर स्थित भारत माता मंदिर पर पूर्व विधायक गहलोत के सानिध्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें संविधान निर्माता डॉक्टर बी आर अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की गई। साथ ही उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
