
राजसमंद (Rajsamand) कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को बहुपयोगी पौधों की पहचान उनके उपयोग तथा हर्बल आधारित उत्पादों के माध्यम से स्वयं रोजगार स्थापित करने के अवसर से अवगत करवाया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य वक्ता वैदिक बेटी की संस्थापक प्रियंका मित्तल, विशिष्ट अतिथि अमित मित्तल ,बिट सॉफ्टवेयर कंपनी भीलवाड़ा, शगुन मित्तल, और जय किशन ने किया। उन्होंने अपने जीवन में हर्बल प्रोडक्ट और वैदिक बेटी का महत्व बताया। कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन देते हुए उप्राचार्य डॉ. इंदर सिंह राठौड़ ,ने हर्बल प्रोडक्ट का महत्व तथा केरियर में उद्यमिता को अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम संयोजिका डॉ. विनीता पालीवाल, ने मुख्य वक्ता का परिचय तथा कार्यशाला की उपरेखा बताइए। मुख्य वक्ता प्रियंका मित्तल ने कहा कि हर्बल उत्पादों की मांग देश और देश दोनों में लगातार बढ़ रही है ऐसे में युवतियों के लिए यह क्षेत्र बेहतर करियर संभावनाएं प्रदान करता है। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा बहुउद्देशीय पौधों की खेती, प्रोसेसिंग, तेल एवं हर्बल कॉस्मेटिक निर्माण, पैकेजिंग , तथा मार्केटिंग जिससे विषयों पर प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला के प्रथम दिन जय कृष्ण ने औषधीय पौधों की विभिन्न प्रजातियां और उनके स्वास्थ्य लाभों पर जानकारी दी। साथी छात्रों को प्रौद्योगिकी क्षेत्र के माध्यम से हर्बल उत्पाद बनाने की प्रक्रिया से परिचित कराया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आगामी दिनों में संबंधित विषय पर पावर पॉइंट और पोस्ट के माध्यम से छात्रों को प्रोडक्ट बनाना सीखकर प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. अनसूया उपाध्याय, डॉ. ललित राठौड़, डॉ. संपत लाल रैगर, डॉ. सांत्वना बापना , डॉ. संगीता मालपानी, डॉ. सरोज राठौड़, दिव्या पालीवाल, अनिता शर्मा , पिंकी किर, मनीषा व्यास, एवं समस्त स्टाफ उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सूमी जोशी ,एवं निशा कुंवर शक्तावत ,ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन पूजा तुम्मड, ने किया।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
