माउंट आबू के अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों ने की सरकार से स्कूल खोलने की मांग

IANS | Nov 5, 2020

माउंट आबू माउंट आबू एंकर पश्चिम भारत एवं राजस्थान का इकलौता हिल स्टेशन माउंट आबू जहां पर्यटन एवं धार्मिक नगरी के रूप में विश्व विख्यात है वही माउंट आबू अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा के लिए देश और विदेश में अपनी पहचान बनाए हुए ब्रिटिश शासन काल के पहले से माउंट आबू में चलती अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में पूरे देश से विदेश से बच्चे शिक्षा प्राप्त करने आते हैं लेकिन माउंट आबू का स्कूलों का जहां अन्य स्कूल है ग्रीष्मकालीन छुट्टी के साथ बंद होती हैं वही माउंट आबू की यह अंग्रेजी माध्यम के स्कूल दिसंबर में बंद होती हैं और फरवरी के अंत में खुलती हैं इस प्रकार से माउंट आबू की स्कूलों में इस वर्ष दिसंबर माह फाइनल एग्जाम का होता है माउंट आबू की स्कूल 15 मार्च से बंद है और यहां पर बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा तो दी जा रही है लेकिन सरकार द्वारा अभिभावकों से कहा जा रहा है कि स्कूल खुले नहीं है तो फीस नहीं उसको लेकर अभिभावक स्कूलों में कम की गई फीस भी जमा नहीं करा रहे हैं जिसको लेकर माउंट आबू के हॉस्टल स्कूल मैं शिक्षक आ रहे हैं ऑनलाइन शिक्षा भी चल रही है स्कूलों के मालिक शिक्षकों को उनकी सैलरी भी दे रहे हैं फिर भी अभिभावक सरकार के कहने के चलते फीस जमा नहीं करा रे जिस से माउंट आबू का यह व्यवसाय बंद पड़ा है जिसको लेकर माउंट आबू के सभी स्कूलों शिक्षकों ने मिलकर माउंट आबू के उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है कि माउंट आबू की यह स्कूल है अब चालू की जाए जिससे उनका व्यवसाय चालू हो सके और सरकार फीस लेने का अगर मना करती है तो सरकार बिजली पानी दिलों के साथ शिक्षकों की सैलरी बच्चों की फीस स्कूल में जमा करवा दें माउंट आबू की इस प्रकार की मांग को लेकर स्कूल मालिकों ने यह भी कहा है कि जब सरकार बिजली पानी के बिल तक नहीं छोड़ सकती।उनके साथ से सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है । सरकार अपने वोट बैंक तैयार कर रही है। इसके अलावा कुछ भी नहीं। के अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों ने की सरकार से स्कूल खोलने की मांग