
बाड़मेर (Barmer) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग बाड़मेर की ओर से खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशन में एमबीसी राजकीय सीनियर माध्यमिक विद्यालय गाँधी चोक बाड़मेर में जंक फ़ूड जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश शर्मा तथा जिला कार्यक्रम समन्वयक राकेश भाटी द्वारा बच्चों को जंक फ़ूड से होने वाले दुष्प्रभावों एवं स्वस्थ आहार के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।कार्यक्रम की शुरुआत में खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश शर्मा ने बच्चों को बताया कि जंक फ़ूड में अत्यधिक मात्रा में तेल, नमक, चीनी, कृत्रिम रंग और संरक्षक पदार्थ होते हैं, जो स्वाद तो बढ़ाते हैं किन्तु स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। उन्होंने समझाया कि नियमित रूप से पिज़्ज़ा, बर्गर, चिप्स, नूडल्स, कोल्ड ड्रिंक जैसे खाद्य पदार्थ खाने से मोटापा, मधुमेह, रक्तचाप, पेट संबंधी विकार एवं दांतों की समस्याएँ बढ़ने की संभावना रहती है।डीपीसी राकेश भाटी ने बच्चों को संतुलित आहार के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि ताज़ी सब्ज़ियाँ, फल, दूध, दालें, अनाज और घर का बना भोजन ही बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ भोजन बच्चों की एकाग्रता, स्मरण शक्ति और ऊर्जा स्तर को बढ़ाता है, जिससे पढ़ाई और खेलकूद दोनों में बेहतर प्रदर्शन संभव होता है। भाटी ने बच्चों को कुछ महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि जंक फ़ूड को रोज़मर्रा के भोजन का हिस्सा न बनाएं, कोल्ड ड्रिंक की जगह पानी, छाछ और नींबू पानी जैसे स्वस्थ पेय लें, पैकेट वाले खाद्य उत्पाद खरीदते समय फूड-लेबल अवश्य पढ़ें, नमक, चीनी और तेल की अधिक मात्रा वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएँ तथा प्रतिदिन कम से कम एक घंटे खेलकूद व शारीरिक गतिविधि अवश्य करें।कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों और अभिभावकों को भी सलाह दी गई कि वे बच्चों में स्वस्थ खानपान की आदतें विकसित करने में सक्रिय भूमिका निभाएँ तथा घर में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराएँ। अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को जंक फ़ूड से दूर रखने में सहयोग करें और घर में स्वस्थ नाश्ते एवं भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करें। बच्चे वही खाते हैं जो वे रोज़ देखते हैं, इसलिए परिवार का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।कार्यक्रम के अंत में बच्चों से प्रश्नोत्तरी ली गई और उन्हें जागरूकता से संबंधित सामग्री वितरित की गई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग बाड़मेर द्वारा ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि बच्चों को स्वस्थ भविष्य प्रदान किया जा सके।
रिपोर्ट – ठाकराराम मेघवाल
