मौसम चेतावनी : गुजरात, महाराष्ट्र में बारिश से बुरा हाल, राजस्थान में फिर होगी भारी बारिश

जागरूक टाइम्स 9409 Aug 31, 2020
पिछले दो दिनों में गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में हुई भारी बारिश के चलते आठ लोगों की मौत की खबर सामने आई. इन राज्यों में भारी बारिश के कारण विशाल जलप्रलय आया, नदियों में बाढ़ आ गई. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अभी और बारिश होने का अनुमान लगाया है. वहीं ओडिशा के कई गांव रविवार को महानदी में आई बाढ़ के कारण पानी में डूब गए. हालांकि, देश की राजधानी दिल्ली में रविवार को बादल छाए रहे.

दिल्ली में कुछ जगहों पर हुई बारिश और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई. मौसम विभाग ने अगले छह दिनों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान लगाया है. मौसम विभाग ने कहा कि इस साल अगस्त में शहर में 236.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. इस साल जब मानसून का मौसम शुरू हुआ, तब कुल मिलाकर, शहर में 1 जून से 521.8 मिमी सामान्य के मुकाबले 555 मिमी बारिश हुई है.

दिल्ली की ही तरह, हरियाणा और पंजाब में ज्यादातर जगहों पर अधिकतम तापमान रविवार को सामान्य सीमा के करीब रहा. दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में 33 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई, जबकि राज्य के 16 जिलों के 600 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित रहे. राज्य में कुछ जगहों पर शारदा और सरयू नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही थीं. हालांकि, राज्य के राहत आयुक्त का कहना है कि बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है. मध्य प्रदेश प्रदेश की बात करें तो यहां बारिश के कारण कई लोग प्रभावित हुए हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पिछले दो दिनों में राज्य के बड़े हिस्से में भारी बारिश के कारण दीवार गिरने से और नालों में डूबने से आठ लोगों की मौत हो गई.

उन्होंने कहा कि 12 जिलों के 454 गांवों में फंसे 7,000 से अधिक लोगों को दूसरी जगह भेजा जा रहा है. उन्होंने कहा कि 40 बाढ़ वाले गांवों से लगभग 1,200 लोगों को ट्रांसफर करने का प्रयास किया जा रहा है. नर्मदा नदी का जल स्तर कुछ स्थानों पर बढ़ गया है. भारतीय वायु सेना के तीन हेलीकॉप्टरों को फंसे लोगों को एयरलिफ्ट करने के लिए सेवा में लगाया गया है. सिवनी जिले के सुनवारा गांव के पास, गोदावरी की एक प्रमुख सहायक नदी, वेनगंगा नदी में आए उफान के कारण एक महीने पहले ही बनकर तैयार हुआ पुल बह गया. अधिकारियों के मुताबिक, 150 मीटर लंबे इस पुल का उद्घाटन होना अभी बाकी था. ब्रम्हपुरी के 5 गांव में वेनगंगा नदी का पानी भर गया है. महाराष्ट्र में, नागपुर जिले के कई तहसीलों में पिछले दो दिनों में मूसलाधार बारिश के बाद 14,000 से ज्यादा लोगों को निकाला गया. नागपुर के अलावा, गढ़चिरौली जिले के कई गांवों में भी भारी बारिश के बाद बाढ़ आई है. विदर्भ में बाढ़ग्रस्त इलाकों में रेस्क्यू के लिए एनडीआरएफ की 4 टीमों को पुणे से नागपुर एयरलिफ्ट किया गया है. ये टीमें नागपुर व चंद्रपुर जिले में प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू आपरेशन में सहयोग कर रही हैं.

राजस्थान में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने कहा कि राज्य में बारिश के कारण एक लो-प्रेशर एरिया पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे पूर्वी राजस्थान की तरफ बढ़ा है. राजस्थान में लो-प्रेशर सिस्टम के चलते, पिछले 24 घंटों में राज्य में भारी बारिश हुई, जिससे अधिकारियों को बांसवाड़ा जिले में माही बांध के सभी 16 द्वार खोलने का संकेत मिला. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान अजमेर, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, बाड़मेर, बीकानेर, नागौर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान लगाया है. वहीं गुजरात में, भरूच सहित कई क्षेत्रों भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. यहां सरदार सरोवर बांध से पानी छोड़ने के बाद नर्मदा नदी के किनारे बसे 2,000 से अधिक लोगों को बाहर निकाला गया.

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