बंगाल चुनाव : 35 सीटों पर करीबी मुकाबला, भाजपा-टीएमसी में केवल 1000 वोटों का अंतर

जागरूक टाइम्स 359 May 4, 2021

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम आ चुके हैं। परिणामों के बाद ममता बनर्जी की एक बार फिर पश्चिम बंगाल में वापसी हो गई है। भाजपा राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इस बार के चुनाव में ममता बनर्जी को जीत जरूर मिली है लेकिन, भाजपा ने उनको कड़ी टक्कर भी दी है। टक्कर का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि राज्य की 35 सीटों पर मुकाबला एकदम टक्कर का रहा है। इन सीटों पर भाजपा और तृणमूल के बीच मात्र 1000 वोटों का अंतर रहा है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि बंगाल की लगभग 60 सीटें ऐसी हैं, लीड का अंतर 2000 से कम वोटों का रहा है। इनमें से टीएमसी 36 सीटों पर आगे चल रही है। इनमें 11 सीटें ऐसी भी हैं, जहां लीड 500 से भी कम वोट कहा है। जबकि 10 सीट ऐसी हैं, जहां बढ़त मात्र 500 से 1000 वोटों का है। वहीं, भाजपा 9 सीटों पर 2000 से भी कम वोटों के अंतर से हारी है। इनमें से तीन सीटों पर लीड 500 से कम वोटों का भी है।

कोलकात्ता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सात सीटें ऐसी रहीं, जहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे का मुकाबला हुआ और जीत-हार का अंतर एक हजार से कम मतों का रहा। इनमें एक सीट तो ऐसी रही, जहां 57 मतों से जीत-हार का फैसला हुआ। चार राज्यों और केंद्र शासित पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के मतगणना के दौरान कांटे के मुकाबले के लिए सबसे अधिक चर्चा में पश्चिम बंगाल का नंदीग्राम रहा। जहां मुकाबला ममता बनर्जी और उनके पूर्व सिपहसालार शुभेंदु अधिकारी के बीच था। इस सीट पर अधिकारी ने ममता को 1,956 मतों से पराजित किया, लेकिन इससे भी कड़ा मुकाबला दिनहाटा, बलरामपुर, दंतन, कुल्टी, तमलुक, जलपाईगुड़ी और घाटाल में रहा, जहां जीत-हार का अंतर 57 से लेकर 966 मतों का रहा।

कुल्टी सीट पर जीत-हार का अंतर 679 मतों का रहा
पश्चिम बद्र्धमान जिले की कुल्टी सीट पर जीत-हार का अंतर 679 मतों का रहा। यहां भाजपा के अजय कुमार पोद्दार ने तृणमूल कांग्रेस के उज्जल चटर्जी को पराजित किया। पोद्दार को कुल 81,112 मत मिले जबकि चटर्जी को 80,433 मत मिले। पूर्वी मेदिनीपुर जिले के तमलुक विधानसभा सीट पर भी भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के कड़ी टक्कर देखने को मिली। लेकिन बाजी अंतत: तृणमूल कांग्रेस के सौमेन महापात्रा के हाथ लगी। उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार हरेकृष्ण बेरा को 793 मतों से पराजित किया। महापात्रा को 1,08,243 मत मिले, जबकि बेरा को 1,07,450 मत मिले।

कूचबिहार में भाजपा के निषिथ ने मारी बाजी
सबसे कड़ा और नजदीकी मुकाबला कूचबिहार के दिनहाटा विधानसभा क्षेत्र में हुआ। जहां मुकाबला भाजपा के सांसद निषिथ पारामाणिक और तृणमूल कांग्रेस के उदयन गुहा के बीच था। इस मुकाबले में बाजी पारामाणिक के हाथ लगी। उन्होंने गुहा को 57 मतों के अंतर से पराजित किया। इस मुकाबले में पारामाणिक को 1,16,035 मत मिले। जबकि गुहा को 1,15,978 मत मिले। पारामाणिक पहले तृणमूल कांग्रेस में थे, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले वह भाजपा में शामिल हो गए थे और उन्होंने कूचबिहार से लोकसभा का चुनाव भी जीता।

पुरुलिया में भी भाजपा को मिली सीट
दिनहाटा के बाद पुरुलिया जिले के बलरामपुर में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों के बीच कांटे का मुकाबला देखने को मिला। इस सीट पर भाजपा के बनेश्वर महतो ने तृणमूल कांग्रेस के शांतिराम महतो को 423 मतों से पराजित किया। बनेश्वर महतो को 89,521 मत मिले। जबकि शांतिराम महतो को 89,098 मत मिले। इसी प्रकार का मुकाबला पश्चिम मेदिनीपुर जिले के दंतन विधानसभा सीट पर देखने को मुकाबला। यहां तृणमूल कांग्रेस के बिक्रमचंद्र प्रधान ने भाजपा के शक्तिपद नायक को 623 मतों से पराजित किया।

जलपाईगुड़ी सीट पर रहा तृणमूल कांग्रेस का दबदबा
जलपाईगुड़ी विधानसभा सीट पर भी मुकाबला नजदीकी रहा। यहां तृणमूल कांग्रेस के प्रदीप कुमार बर्मा ने भाजपा के सौजीत सिंह को 941 मतों के अंतर से हराया। बर्मा को 95,668 मत मिले जबकि सिंह को 94,727 मत मिले। ऐसा ही मुकाबला पश्चिमी मेदिनीपुर जिले के घाटाल सीट पर देखने को मिला। यहां भाजपा के सीतल कपट को 966 मतों से जीत मिली। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस को शंकर दोलाई को पराजित किया। उन्हें 1,04,846 मत मिले जबकि कपट 1,05, 812 मत लेकर विजयी हुए।

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