विधानसभा चुनाव :बंगाल में खेला होये गेछे!

जागरूक टाइम्स 279 May 3, 2021
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस भाजपा को करार झटका देते हुए 210 सीटों से अधिक बढ़त बनाए हुए है और तमिलनाडु में द्रविड मुनेत्र कषगम भी अपने विरोधियों को जबर्दस्त पटखनी दे रही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के मतगणना के रुझानों ने चुनावी रणनीतिकारों और भाजपा नेताओं को भी चौंका दिया है। भाजपा राज्य में सत्ता विरोधी लहर के जरिए सत्ता हथियाने के सपने देख रही थी। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने अपने प्रचार में कोई कमी नहीं छोड़ी थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा अनेक नेताओं ने चुनाव प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। प्रधानमंत्री के सुश्री बनर्जी को 'दीदी ओ दीदीÓ के संबोधन की सोशल मीडिया पर काफी निंदा की गई थी और कहा गया कि इस तरह का संबोधन प्रधानमंत्री पद की गरिमा के खिलाफ है। राज्य में लगभग 35 वर्षों तक राज करने वाले वाम दलों का अभी तक कोई खाता नहीं खुला है और कांग्रेस केवल एक सीट पर आगे चल रही है। उधर, तमिलनाडु में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में एम के स्टालिन की अगुवाई वाले द्रविड़ मुनेत्र कषगम और कांग्रेस गठबंधन यहां के 10 वर्ष पुराने अखिल भारतीय अन्ना द्रविड मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के शासन को समाप्त करने की दिशा में बढ़ रहा है।

बंगाल में टीएमसी का जादू बरकरार
ममता बनर्जी एक बार फिर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनने वाली हैं। 66 साल की ममता बनर्जी लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। ममता ने 20 मई 2011 को पहली और 27 मई 2016 को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वहीं, आज यानी 2 मई को आए नतीजों में उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस 216 सीटों पर आगे चल रही हैं। पार्टी की बंपर जीत के साथ ही वह एक बार फिर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनने वाली हैं। ममता बनर्जी के राजनीतिक सफर की बात करें तो उन्होंने अपना करियर कांग्रेस से शुरू किया था। कांग्रेस से सियासी सफर की शुरुआत करने वाली ममता की गिनती कभी कांग्रेस में राजीव गांधी के भरोसेमंद नेताओं में होती थी, लेकिन फिर पार्टी के शीर्ष नेतृत्‍व से दूर‍ियां ऐसी बढ़ी कि अपनी अलग पार्टी का गठन कर लिया और 13 साल के भीतर इसे उस मुकाम पर पहुंचा दिया।

असम में सर्वानंद सोनोवाल की अगुवाई वाला राजग एक बार राज्य में सत्ता में वापसी की ओर है और यह 120 सीटों में से 66 पर आगे चल रहा है जबकि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन 43 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। पुड्डुचेरी में एन आर कांग्रेस की अगुवाई वाले भाजपा गठबंधन के जीत के अच्छे आसार नजर आ रहे हैं और वह आठ सीटों तथा कांग्रेस मात्र तीन सीटों पर आगे है। राज्य में कांग्रेस के अनेक विधायकों के इस्तीफा देने के बाद से उसे विधानसभा में काफी नुकसान हुआ है। बनर्जी की पार्टी के शानदार चुनावी रुझानों पर प्रतिक्रिया करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने उन्हें बधाई संदेश भेजे हैं। देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए चुनाव आयोग ने चुनावी जीत के बाद किसी भी पार्टी के चुनावी जलसों और लोगों के एक साथ एकत्र होने को लेकर राज्य के मुख्य सचिवों को इन्हें रोकने के लिए निर्देश दिए हैं । इन सभी चार राज्यों और पुड्डुचेरी में 27 मार्च से 29 अप्रैल तक चुनाव आयोजित कराए गए थे। पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में चुनाव कराए गए थे जबकि दो सीटों पर उम्मीदवारों की मौत हो जाने के बाद चुनाव स्थगित कर दिए गए है। असम में तीन तथा तमिलनाडु , केरल तथा पुड्डुचेरी में एक एक दौर में मतदान हुआ था।

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