उदयपुर में 7500 प्रवासी श्रमिक नहीं गए अपने घर

जागरूक टाइम्स 297 May 30, 2020

उदयपुर (ईएमएस)। वैश्विक महामारी घोषित हो चुके कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन लागू है। ऐसे में प्रवासी मजदूर लगातार अपने घरों की पलायन कर रहे हैं। मगर, उदयपुर जिले में 7 हजार 546 प्रवासी श्रमिक ऐसे हैं जो प्रशासन के आमंत्रण के बावजूद अपने गृह राज्य नहीं गए। इन श्रमिकों ने उदयपुर में ही रहने की इच्छा जताई है। ये श्रमिक अपनी आजीविका की व्यवस्था करने में जुट गए हैं। अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) ओ. पी. बुनकर ने प्रवासियों को घर भेजने के लिए बेहतरीन मैनेजमेंट के साथ ट्रेन और बस की व्यवस्था करवाई थी।

बुनकर ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार अन्य राज्यों के प्रवासियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने एवं अन्य राज्यों से उदयपुर के प्रवासियों को वापस लाने का कार्य जिला प्रशासन की टीम पूरे उत्साह के साथ कर रही है। अब तक के प्रयासों से जिले में रह रहे 16 हजार 278 प्रवासियों को उनके गृह राज्यों में भेजा जा चुका है। इनमें से 15 हजार 179 श्रमिकों को 12 स्पेशल ट्रेनों से तथा से 1 हजार 99 श्रमिकों को बसों से उनके गंतव्य तक भेजा गया है। इसके अलावा प्रशासन द्वारा जिले में रह रहे कुल 23 हजार 824 प्रवासियों को उनके गृह राज्य भेजने के लिए आमंत्रण भेजा गया था, इसमें से 16 हजार 278 प्रवासियों ने ही सरकार की ओर से की गई व्यवस्था के अनुसार रेल तथा बसों से अपने गृह राज्यों के लिए प्रस्थान किया।

उन्होंने बताया कि इसके बावजूद वर्तमान में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, पश्चिमी बंगाल, ओडिशा, जम्मू कश्मीर आदि राज्यों के 7 हजार 546 प्रवासी अपने घर नहीं जाकर उदयपुर में ही प्रवासरत है और अपने पूर्व कार्यक्षेत्रों में काम में जुट गए है। हालांकि प्रवासी श्रमिकों को जिला प्रशासन द्वारा जिला उ़द्योग केन्द्र के माध्यम से विभिन्न इकाइयों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिला उद्योग केन्द्र की महाप्रबंधक द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में एमएसएमई की 820 इकाइयों में 8541 श्रमिक नियुक्त हैं, जिनमें से 935 प्रवासी कार्य कर रहे हैं। जिले में अब धीरे-धीरे औद्योगिक इकाईयां प्रारंभ हो रही हैं और श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है।


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