प्रसूता की डिलीवरी के बाद माैत, रेवदर अस्पताल में सफाई कर्मचारी, नर्स ने करवाई डिलीवरी

जागरूक टाइम्स 249 Oct 27, 2020

प्रसूता की डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ने से साेमवार काे उसकी माैत हाे गई। इधर, इससे पूर्व रेवदर अस्पताल में उसकी डिलीवरी हुई थी, इसके बाद उसे आबूराेड रेफर किया गया, लेकिन उसकी माैत हाे चुकी थी। इधर, परिजनाें ने यह आराेप लगाया है कि उसके इलाज में लापरवाही बरती गई, जिससे उसकी माैत हाे गई। इसकाे लेकर परिजन आबूराेड अस्पताल में धरने पर बैठ गए और मुआवजे की मांग करने लगे। देर शाम तक समझाइश का दाैर चला, लेकिन परिजन नहीं माने।

जानकारी के अनुसार पालड़ी खेड़ा निवासी गर्भवती सीता कोली काे डिलीवरी के लिए साेमवार सुबह करीब 4 बजे परिजन अस्पताल लेकर आए थे। आधे घंटे के बाद उसकी डिलीवरी हुई और उसने बच्ची काे जन्म दिया, लेकिन कुछ देर बाद रक्त स्त्राव शुरू हाे गया। इस पर उसका इलाज शुरू किया, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हाेेने पर उसे आबूराेड रेफर कर दिया गया।

इस दाैरान उसकी माैत हाे गई। इधर, प्रसूता की माैत के बाद परिजनाें ने आराेप लगाया कि रेवदर अस्पताल में सफाई कर्मचारी और नर्स ने मिलकर डिलीवरी करवाई थी, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और माैत हाे गई, वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि ज्यादा खून बहने से उसकी तबीयत खराब हुई थी।

रेवदर अस्पताल में सुविधा नहीं हाेने पर उसे रेफर किया गया था। आबूराेड अस्पताल में प्रसूता काे देखने वाले डाॅक्टर ने बताया कि जब उसे यहां लेकर आए थे तब न ताे उसकी सांसें चल रही थीं और न ही धड़कन। प्रसूता की माैत के बाद परिजन मुआवजे की मांग काे लेकर धरने पर बैठ गए और शव उठाने से मना कर दिया।

परिजनाें का विरोध-प्रदर्शन, विधायक समेत अधिकारी पहुंचे माैके पर
आबूराेड में प्रसूता की माैत की जानकारी मिलने के बाद परिजनाें ने वहीं विराेध प्रदर्शन शुरू कर दिया और मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। परिजनाें का आराेप था कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की वजह से प्रसूता की माैत हुई है। सूचना मिलने पर विधायक जगसीराम कोली, तहसीलदार रामस्वरूप जौहर, अस्पताल प्रभारी डॉ. एमएल हिंडोनिया व आबूरोड शहर पुलिस थानाधिकारी गनी मोहम्मद मौके पर पहुंचे तथा परिजनाें से समझाइश की।

समझाइश पर पहले माने, लेकिन बाद में फिर से मुआवजे की मांग करने लगे
आकरा भट्टा क्षेत्र स्थित सरकारी अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद परिजन वहां पर जमा हो गए। इस दौरान उनके परिचित व कई अन्य लोग भी वहां पहुंच गए अाैर रेवदर अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे।

इस पर विधायक व अन्य अधिकारियाें ने समझाइश की ताे परिजन मांग गए और शव लेने काे तैयार हाे गए, लेकिन कुछ देर बाद उन्हाेंने फिर से नारेबाजी शुरू कर दी और मुआवजे की मांग पर अड़े रहे, जिसके बाद शव अस्पताल में ही रखा रहा।

प्रसूता की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए : ड्यूटी डॉक्टर

    ऐसी कोई बात नहीं है। महिला की सामान्य डिलीवरी हुई थी। इसके आधे घंटे बाद उसकी तबियत बिगड़ी थी। मैंने स्वयं दो बार उसे अटेंड किया था तथा उसे रिकवर करने के लिए हर संभव प्रयास किए थे, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके अलावा हमारे यहां पर गायनॉकोलोजिस्ट डॉक्टर व ब्लड बैंक की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से उसे आबूरोड रेफर किया था। - डॉ. नरेश कुमार, ड्यूटी डॉक्टर, रेवदर

काफी खून बहने से हुई माैत : प्रभारी

    परिजन सोमवार सवेरे 9 बजे प्रसूता को लेकर यहां पहुंचे थे। उस दौरान न तो उसकी पल्स चल रही थी और न ही धड़कन थी। इसके बाद भी हमने तत्काल पंपिंग कर ऑक्सीजन लगाई थी। प्रसूता को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए, लेकिन, काफी खून बह चुका था इसलिए उसकी माैत हाे गई। - डॉ. एमएल हिंडोनिया, प्रभारी, सरकारी अस्पताल, आबूरोड

परिजनाें की रिपोर्ट के आधार पर करेंगे कार्रवाई : थानाधिकारी

    इस मामले में परिजनों से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद जांच कर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। - गनी मोहम्मद, थानाधिकारी, आबूरोड शहर

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