सरूपगंज : फर्जी दुल्हन से शादी करवा कर तीन लाख अस्सी हजार रुपये ठगने वाला आरोपी गिरफ्तार

जागरूक टाइम्स 290 Nov 21, 2020

- आरोपी तीन दिन की पुलिस रिमांड पर

सरूपगंज । समीपवर्ती नितोडा गांव में करीब आठ माह पूर्व फर्जी दुल्हन बनाकर विवाह कर ठगी कर फरार हो जाने वाली दुल्हन का अपराध करने वाली गैंग का खुलासा कर मुख्य अभियुक्त को कपड़गंज अहमदाबाद गुजरात से दस्तयाब कर बापर्दा गिरफ्तार कीट गया। थाना प्रभारी छगनलाल डांगी ने बताया कि जिला पुलिस अधीक्षक सिरोही हिम्मत अभिलाष टांक के निर्देशानुसार जिला सिरोही में पुराने लंबित प्रकरणों में संगठित गैंग बनाकर लोगों के साथ ठगी करने वाली संगठित अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस थाना सरूपगंज थानाधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम राजेंद्र सिंह सहायक उप निरीक्षक, मय टीम शैतानराम कॉन्स्टेबल द्वारा थाना क्षेत्र की नितोड़ा ग्राम में करीब आठ माह पूर्व प्रार्थी दिनेश कुमार पुत्र भानाराम घांची निवासी नितोड़ा की शादी 10 फरवरी 2020 को अभियुक्त मोनिका पुत्र जमुनाराम घांची निवासी घांची का वास ,बांट पुलिस थाना मंडार जिला सिरोही के साथ सारणेश्वर मंदिर सिरोही में की गई थी। जिसमे तीन लाख अस्सी हजार रुपए लेकर शादी की गई थी मगर उक्त फर्जी दुल्हन उसी रात को बाथरूम जाने के बहाने फरार हो गई थी जिसमे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्जी दुल्हन बनाकर सहयोगी गैंग सदस्यों द्वारा रिश्तेदार बनकर बड़ी रकम ठग कर दुल्हन को फरार करने वाले मामले का ठगी का पर्दाफाश करते हुए संगठित गैंग के मुख्य सरगना भंवरलाल उर्फ भावेश माली पुत्र नारायण माली निवासी जोधपुरिया ढाणी मालगढ़ पुलिस थाना डीसा ग्रामीण जिला बनासकांठा गुजरात हाल भूमि सोसायटी, कपड़गंज जिला खेड़ा गुजरात से दस्तयाब कर बापर्दा गिरफ्तार किया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जहां से तीन दिन की पुलिस रिमांड पर सौपा गया। अभियुक्त से गैंग के अन्य सदस्यों तथा फर्जी दुल्हन के संबंध में अनुसंधान जारी है संगठित गैंग द्वारा फर्जी दुल्हन बनाकर ठगी की और वारदात करने के संबंध में भी मैसेज प्रसारित किया गया है तथा थाना क्षेत्र में हुई घटना के संबंध में भी इस घटना में सम्मिलित गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

यह है घटना
दिनांक 16 फरवरी 2020 को प्रार्थी दिनेश कुमार पुत्र भानाराम घांची निवासी नितोड़ा ने रिपोर्ट दी कि दिनांक 10 फरवरी 2020 को अभियुक्त मोनिका पुत्र जमुना राम घांची निवासी घांची का वास ,बांट पुलिस थाना मंडार जिला सिरोही के साथ सारणेश्वर जी मंदिर सिरोही में शादी की थी इस विवाह में अभियुक्त का पिता चमनाराम घासी तथा दुल्हन के दो तीन अन्य रिश्तेदार भी शामिल हुए थे तथा इन व्यक्तियों ने षड्यंत्र रच कर तीन लाख रुपए नकद लिए थे। शादी के बाद उसी दिन प्रार्थी अपनी नवविवाहित पत्नी के साथ शाम को चार बजे घर पहुंचे तथा रात्रि को ग्यारह बजे दुल्हन मोनिका पेशाब करने का बहाना बनाकर घर से निकल गई प्रार्थी ने दस मिनट बाद देखा तो मोनिका घर के दरवाजे पर नहीं मिली वगैरा रिपोर्ट पर संगठित गैंग द्वारा फर्जी विवाह कर रुपए ठग कर दुल्हन के फरार हो जाने का मामला पाया जाने पर थाना पर मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।

पुलिस टीम द्वारा प्रयास- चूंकि मामला संगठित गैंग द्वारा फर्जी दुल्हन बनाकर बड़ी रकम के ठगने का मामला होने से पुलिस द्वारा काफी प्रयास करने के बावजूद तथा अभियुक्तों के नामजद नहीं होने से पुलिस द्वारा प्रयास करने के बावजूद पता नहीं लगने पर एक विशेष टीम का गठन कर मामले के संबंध में अनुसंधान करने पर पता चला कि ग्राम बांट पुलिस थाना मंडार में घांची जाति की कोई भी व्यक्ति नहीं रहता है जिस पर स्पष्ट हुआ कि प्रकरण में फर्जी दुल्हन द्वारा विवाह नामा तथा पहचान के दौरान दिया गया आधार कार्ड भी संघटित गैंग द्वारा फर्जी बनाया गया है जिस पर कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए तकनीकी आधार पर विश्लेषण करते हुए प्रकरण में मुख्य अभियुक्त भंवरलाल उर्फ भावेश पडियार माली निवासी जोधपुरिया ढाणी मालगढ़ डीसा गुजरात को कपड़गंज गुजरात से दस्तयाब कर बापर्दा गिरफ्तार किया गया।  
                         
संगठित गैंग द्वारा अपराध करने का तरीका
उक्त संगठित गैंग द्वारा अपराध करने के लिए भोले भाले ऐसे लोगों को निशाना बनाया जाता है जिनका किसी कारणवश विवाह नहीं हो पाता तो यह संगठित गैंग गैंग के व्यक्ति जगह जगह अपने एजेंट के मार्फत ऐसे व्यक्तियों की खोज कर संपर्क करते हैं तथा उसकी जाति पता कर गैंग में शामिल महिला या लड़की का फोटो लगाकर संबंधित विवाह की आवश्यकता वाले व्यक्ति की जाति वाला नाम लगाकर फर्जी आधार कार्ड तैयार कर उस लड़की के साथ गैंग के अन्य सदस्य पिता तथा अन्य रिश्तेदार बनकर किसी होटल पर दोनों पक्ष से मुलाकात करवाते हैं तथा विवाह का सौदा तय कर तथा फर्जी नाम से विवाह नामा तैयार कर पीड़ितों को विश्वास में लेकर उनसे कपड़े वगैरा मंगाकर दुल्हन तैयार कर किसी मंदिर में विवाह करवाते हैं तथा उससे पीड़ित पक्ष को विश्वास में लेकर बड़ी रकम ऐठ लेते हैं तथा दुल्हन को घर भेज कर घर से भी सामान चोरी करवा कर फरार हो जाते हैं काफी मामलों में पीड़ित बदनामी तथा फजीहत के डर से ज्यादातर मामलों में रिपोर्ट भी दर्ज नहीं करवाते हैं तथा फर्जी नाम पते होने से इस गैंग का पता भी नहीं चल पाता है।




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