BSTC-BEd Vivad: हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला, बीएसटीसी योग्यताधारी ही रीट लेवल प्रथम के लिये होंगे पात्र

जागरूक टाइम्स 174 Nov 25, 2021

जोधपुर. बीएसटीसी-बीएड विवाद मामले में जोधपुर हाई कोर्ट ने आज अपना फैसला सुना दिया है. फैसले के मुताबिक हाई कोर्ट ने बीएसटीसी के अभ्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुये उन्हें ही रीट लेवल प्रथम के लिये पात्र माना है. इससे बीएड योग्यताधारियों को बड़ा झटका लगा है. अब रीट लेवल प्रथम की परीक्षा देने वाले 9 लाख बीएड योग्यताधारियों का रिजल्ट जारी नहीं होगा. कोर्ट का फैसला आते ही बीएसटीसी डिग्रीधारकों में खुशी की लहर छा गई जबकि बीएड योग्यताधारी निराश हो गये.

रीट लेवल प्रथम में बीएड अभ्यर्थियों को शामिल करने को लेकर राजेंद्र चोटिया और अन्य की ओर से दायर अलग-अलग याचिकाओं पर राजस्थान हाई कोर्ट मुख्य पीठ जोधपुर में कल सुनवाई पूरी होने के बाद आज अदालत ने अपना अहम फैसला सुनाया. कोर्ट ने रीट लेवल प्रथम में केवल बीएसटीसी अभ्यर्थियों को ही योग्य माना है. इसके साथ ही अदालत ने इस पूरे मामले में बीएड डिग्रीधारियों को रीट प्रथम लेवल के लिए अयोग्य करार देते हुए उनका परीक्षा परिणाम निरस्त करने के भी निर्देश दिए हैं.

राजस्थान हाई कोर्ट के इस आदेश से ना केवल राजस्थान बल्कि देशभर के बीएसटीसी अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है. वहीं बीएड डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है. राजस्थान हाई कोर्ट मुख्य पीठ जोधपुर में सीजे अकील कुरैशी की खंडपीठ ने विस्तृत फैसला देते हुए रीट लेवल प्रथम में बीएसटीसी अभ्यर्थियों को ही योग्य मानते हुए बीएड डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को परीक्षा से बाहर कर दिया.

दरअसल इस मामले में एनसीटीई ने साल 2018 में एक नोटिफिकेशन जारी कर बीएड डिग्रीधारकों को भी रीट लेवल प्रथम के लिए योग्य माना था. इसके साथ ही एनसीटीई ने यह भी माना था कि अगर बीएड डिग्रीधारी परीक्षा में उतीर्ण होते हैं तो उन्हें इस लेवल के लिए शिक्षक के रूप में नियुक्ति के साथ 6 माह का ब्रिज कोर्स करना होगा. एनसीटीई के इस नोटिफिकेशन को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी गई. इसके साथ बीएड डिग्रीधारियों को रीट लेवल प्रथम में शामिल करने को भी चुनौती दी गई थी.

इन सभी याचिकाओं पर लंबी सुनवाई के बाद कल हाई कोर्ट ने सभी पक्षों की सुनवाई पूरी की. उसके बाद आज फैसले के लिए समय मुकर्रर किया था. आज सीजे अकील कुरैशी की खंडपीठ ने सुबह से ही विस्तृत फैसला लिखवाया और अदालत ने सभी पक्षों के तर्क का हवाला देते हुए मामले में केवल बीएसटीसी अभ्यर्थियों को ही रीट लेवल प्रथम के लिए योग्य माना.



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