तीसरे दिन खत्म हुई रोडवेज कर्मियों की चक्काजाम हड़ताल

जागरूक टाइम्स 1108 Jul 28, 2018

- सरकार के साथ वार्ता में हुआ समझौता, कई मांगों पर बनी सहमति

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

पिछले तीन दिनों से चल रही रोडवेज कर्मचारियों की चक्काजाम हड़ताल शुक्रवार शाम को समाप्त हो गई। जयपुर में परिवहन मंत्री युनूस खान के साथ हुई दूसरे दौर की वार्ता के बाद इस हड़ताल को समाप्त करने की घोषणा की गई। बताया गया है कि इस वार्ता के बाद सरकार और रोडवेज संयुक्त मोर्चे के पदाधिकारियों में समझौता हो गया। उसके बाद हडताल समाप्त करने की घोषणा कर दी गई।

सातवां वेतनमान देने व प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया 600 करोड़ रुपए देने की मांग को लेकर राजस्थान रोडवेज संयुक्त मोर्चा की ओर से प्रदेशव्यापी चक्काजाम हड़ताल शुक्रवार शाम को समाप्त कर दी गई। रोडवेज कर्मियों ने पहले यह चक्काजाम दो दिन के लिए किया था, लेकिन राज्य सरकार से मांगों पर बात नहीं बनने पर इस चक्काजाम को शुक्रवार सुबह बेमियादी कर दिया गया। शुक्रवार को तीसरे दिन भी रोडवेज बसें अपने स्थानों पर खड़ी रही। वहीं कर्मचारियों का धरना भी जारी रहा।


उधर, जयपुर में सरकार और रोडवेज संयुक्त मोर्चे के पदाधिकारियों के बीच दिनभर वार्ता का दौर चलता रहा। सुबह सरकार की ओर से कर्मचारी नेताओं को वार्ता का न्यौता मिला। इसके बाद साढ़े 12 बजे वार्ता का समय तय किया गया। करीब एक बजे से परिवहन मंत्री यूनुस खान के साथ वार्ता शुरू हुई जो तीन बजे तक चली। एटक यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष एमएल यादव ने बताया कि पहले दौर की वार्ता में सरकार और पदाधिकारी सकात्मक रुख की ओर से बढ़ते दिखे गए। इसके बाद शाम छह बजे से फिर दूसरे दौर की वार्ता शुरू हुई। इस वार्ता में कई मांगों पर सहमति बनी। उसके बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई।

126 बसें पूरी तरह से रही बंद

रोडवेज की जोधपुर में 126 बसें है जो शुक्रवार को नहीं चली। इससे करीब बीस हजार से ज्यादा यात्रियों को परेशानी हुई वहीं रोडवेज को अकेले जोधपुर में करीब पचास लाख रुपए से ज्यादा का घाटा हुआ। हड़ताल के दौरान शुक्रवार को भी जोधपुर डिपो के राइकाबाग स्थित केंद्रीय बस स्टैंड पर रोडवेज बसें लगाकर कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। राजस्थान स्टेट रोडवेज एम्पलाइज एटक के लक्ष्मण राजपुरोहित ने बताया कि जोधपुर के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के करीब तीन करोड़ रुपए पेंशन और ग्रेच्युटी के बकाया है, जबकि प्रदेश में यह राशि करीब 600 करोड़ रुपए है। इसको लेकर राज्य सरकार को पूर्व में भी लिखित में कई बार दिया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर मजबूरी में कर्मचारियों को हड़ताल का सहारा लेना पड़ा।

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यह थी प्रमुख मांगें

- सेवानिवृत रोडवेजकर्मियों को बकाया परिलाभ दिया जाए, करीब 4 हजार कर्मियों का 600 करोड़ रुपए बकाया है।

- पिछली दीपावली का बकाया बोनस/एक्सग्रेसियादिया जाए।

- लगातार तीन बार से बढ़ा डीए भी रोडवेजकर्मियों को नहीं मिला है।

- प्रदेश के सभी कर्मचारियों को 7वां वेतन आयोग का लाभ मिल चुका है लेकिन रोडवेज में अभी तक 7वां वेतन आयोग लागू नहीं हुआ। इसे लागू किया जाए।

- रोडवेज में पिछले 4 बरसों में कोई भर्ती नहीं हुई। करीब 8 हज़ार खाली पद पड़े हैं, उन्हें भरा जाए।

- रोडवेज बेड़े के लिए नई बसों की खरीद होने के साथ ही अनुबंध पर चल रही बसों की संख्या कम की जाए।

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