अब मारवाड़ के लोग खाएंगे ताइवान के पपीते

जागरूक टाइम्स 429 Jun 15, 2021

जोधपुर। राजस्थान का पश्चिमी इलका यानि मारवाड़ के लोग अब ताइवान के पपीते खाएंगे। राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर ताइवान के पपीता के पौधे तैयार करवा रहा है। ताकि इसकी खेती कर सके। विश्वविद्यालय ताइवान के पपीते की प्रसिद्ध मादा उभयलिंगी किस्म रेड लेडी 786 की करीब हजारों की संख्या में पौधे तैयार कर रहा है। विश्वविद्यालय यह तैयार पौधे अगस्त माह तक किसानों को उपलब्ध करवाए जाएंगे। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना 2018 के तहत कृषि विश्वविद्यालय का प्रोजेक्ट शुष्क क्षेत्रों की आशाजनक किस्मों के गुणन के लिए मॉडल नर्सरी की स्थापना को स्वीकार किया गया है। प्रोजेक्ट के तहत विश्वविद्यालय में मॉडल नर्सरी की स्थापना कर पपीता तैयार किया जा रहा है।

फार्म इंचार्ज डा. मोतीलाल मेहरिया का कहना है कि पपीते कि रेड लेडी 786 किस्म तैयार कर रहे हैं, जो किसानों को उपलब्ध करवा दी जाएगी। इस किस्म में फल अधिक लगते हैं और फलों का वजन भी डेढ़ से दो किलो तक होता है। एक पौधा करीब 40 किलो फल देता है। यह तुलनात्मक रूप में ज्यादा मीठे,स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर भी होता है। इस किस्म की खास बात यह हैं कि इसमें नर व मादा दोनों के गुण होते हैं। इस किस्म में पराग कण के लिए नर की आवश्यकता नहीं होती है। इसके लिए मारवाड़ की जलवायु वातावरण और मिट्टी उपयुक्त है।
साथ ही जहां सिंचाई से पानी की व्यवस्था उपलब्ध हो, वहां इसकी खेती आसानी से की जा सकती है। इससे किसानों को भी परम्परागत खेती से अधिक आमदनी भी होगी। ऐसे में कम पानी में भी ज्यादा मुनाफा ले सकते हैं।


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