सौंदर्यकरण की उम्मीद में रंगत खाने लगा खेतलाजी तालाब

जागरूक टाइम्स 857 Jul 19, 2018

बागोड़ा @ जागरूक टाइम्स

उपखंड क्षेत्र का सबसे बड़ा माना जाने वाला कस्बे का खेतलाजी तालाब जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के चलते बदहाल है। कहने को तालाब की खुदाई में लाखों रुपए श्रम के तौर पर मनरेगा योजना में खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर यह तालाब अब भी उपेक्षा का शिकार है।

कस्बे के भीनमाल सड़क मार्ग पर स्थित काला गौरा क्षैत्रपाल मंदिर व उसके पीछे स्थित खेतलाजी तालाब उपखंड क्षेत्र के तालाबों में सबसे बड़ा है। जनप्रतिनिधियों ने इसके लिए लाखों रुपए खर्च कर मॉडल तालाब बनाने की अनुशंसा जाहिर की, लेकिन आज तक इसका सौन्दर्य नहीं निखर रहा है। मनरेगा योजना में कस्बे के परिवारों ने करीब आठ सौ जोबकार्ड बनवा लिए, लेकिन हकीकत यह है कि यहां श्रम के तौर पर नाम मात्र के लोगों को ही काम मिल रहा है। वर्तमान में यहां महज बीस-तीस लोगों को ही यहां रोजगार मिल रहा है। 

मॉडल तालाब बनाने से बदल सकती है सूरत

वर्षों से कायाकल्प की बाट जोह रहे खेतलाजी तालाब को मॉडल तालाब के रूप में विकसित किया जाता है तो ग्राम पंचायत की आमजनी भी बढ़ेगी। भामाशाहों से सहयोग लेकर इस तालाब का कायाकल्प किया जा सकता है। वहीं यह पर्यटक स्थल के रूप में भी विकसित हो सकता है। इससे ग्राम पंचायत को भी हर साल लाखों की आमदनी होगी। हालांकि इस तालाब को संवारने के लिए पूर्व में ग्राम पंचायत की ओर से अकाल राहत एंव मनरेगा योजना में खुदाई कार्य श्रमिकों से करवाया गया है। बारिश के दिनों में यहां सुराणा, तिलोड़ा व दादाल गांव से बरसाती पानी की आवक होने के कारण यह तालाब पानी से लबालब हो जाता है, लेकिन तालाब से मिट्टी के अत्यधिक खनन व पैंदे की सूरत बिगडऩे से यहां पानी का लम्बे समय तक ठहराव नहीं हो पा रहा है। जबकि दशक भर पहले इसमें बरसाती पानी का एक साल तक ठहराव रहता था। तालाब की सूरत संवरने से पशुओं के लिए भी पेयजल की किल्लत बड़ी हद तक समाप्त हो जाएगी। 

बढ़ेगा रोजगार व आमदनी

मॉडल तालाब से मत्स्य पालन उद्योग को बढ़ावा दिया जा सकता है। जिससे राजस्व बढऩे के साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यहां पर नौकायन भी शुरू किया जा सकता है। वहीं गुजरात, पंजाब, महाराष्ट्र व कच्च भुज से आने वाले क्षैत्रपाल देवस्थान के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहेगा। इसके अलावा स्थानीय लोगों के लिए यहां दो पल सुकून से बिताने के लिए पर्यटन स्थल के तौर पर भी विकसित होगा।

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