चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर नजर रखेगी आईटी टीम

जागरूक टाइम्स 567 Oct 10, 2018

- अफवाह फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा, शादी समारोह में प्रचार किया तो दावत का खर्च उम्मीदवार के खाते में जुड़ेगा

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स
विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान शादियों का भी सीजन रहेगा। आचार संहिता लागू होने की वजह से प्रत्याशियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। अगर किसी प्रत्याशी ने शादी-समारोह में जाकर चुनावी प्रचार किया तो शादी की दावत का खर्च भी उसके खाते में डाल दिया जाएगा। चुनाव के दौरान सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से अफवाह फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। इसके लिए जिला निर्वाचन आईटी विभाग की टीम सोशल मीडिया पर निगरानी रखेगी। आदर्श आचार संहिता के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों, कार्मिकों के स्थानान्तरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और अतिआवश्यक स्थिति में सरकार चुनाव आयोग से अनुमोदन लेकर स्थानान्तरण कर सकेगी। यह जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने मंगलवार को मीडियाकर्मियों को दी।

उन्होंने बताया कि आगामी सात दिसंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर छह अक्टूबर को प्रदेश में लगी आचार संहिता की पालना जिले में भी अक्षरश: कराने की प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर व्यवस्था की जाएगी। इसके लिये सर्वे और निगरानी टीमों का गठन कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि आदर्श आचार संहिता राजनैतिक दलों तथा उम्मीदवारों के मार्गदर्शन के लिए सहमति से तैयार किया गया एक ऐसा सेट है जिसे मानने के लिए पार्टी के नेता और उम्मीदवार बाध्य होंगे।

नहीं होगी राजकीय यात्रा

आचार संहिता के दौरान सत्तारूढ़ पार्टी के मंत्री किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में राजकीय यात्रा नहीं कर सकेंगे। कानून व्यवस्था भंग होने या प्राकृतिक आपदा में किसी निर्वाचन क्षेत्र की राजकीय यात्रा कर सकते है लेकिन उन्हे इस दौरान उस क्षेत्र में रूकना नहीं है और ना ही राजनैतिक कार्यक्रमों में भाग ले सकते है। इस दौरान राजकीय निजी स्टाफ, पायलट कार और सायरन लगी कार का उपयोग नहीं होगा और नहीं ही किसी अधिकारी कर्मचारी को राजकीय कार्य के लिए बुला सकेंगे। आंचार संहिता के दौरान विभिन्न आयोग के अध्यक्षध्सदस्य राजकीय यात्रा को टालेंगे और आवश्यक हो तो इस दौरान राजनीतिज्ञों से नहीं मिलेंगे तथा जनसुनवाई नहीं करेंगे। जिला कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आंचार संहिता के दौरान कई भी पार्टीध्उम्मीदवार जाति समुदाय के बीच घृणा और विद्वेष फैलाने वाली गतिविधि में भाग नहीं लेंगे। ना ही किसी भी उम्मीदवार के निजी जीवन के पहलुओं की आलोचना कर सकते है।

यह भी रहेगी पाबंदियां

- मतदाताओं को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए रिश्वत देने, धमकी देने, मतदान केन्द्र के 100 मीटर के अन्दर वोट मांगने और रैली निकालने तथा निरूशुल्क परिवहन की व्यवस्था नहीं कर सकते है।
- किसी की निजी सम्पति भूमि भवन का उपयोग उसकी अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा। इसके साथ राजनैतिक उम्मीदवार की चुनावी सभा, जुलूस में व्यवधान उत्पन्न नहीं करेगे एवं उनके बैनर, होर्डिग पोस्टर को नहीं फाड़ेंगे।
- आचार संहिता के दौरान सार्वजनिक स्थान, मैदान, हेलिपेड सभा रैली जुलूस अनुमति से ही निकाले जा सकेंगे।
- आचार संहिता लगने के साथ ही चुनावी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वीडियो सर्विलांस टीमें बनाई गई हैं। चुनाव प्रचार के दौरान जाति अथवा धर्म के भड़काने वाले भाषण देने वालों से सख्ती से निबटा जाएगा।

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