निजी अस्पताल की लापरवाही से पिता ने खोया इकलौता पुत्र

जागरूक टाइम्स 3589 Oct 9, 2018

- जीवन ज्योति नर्सिंग होम में डेंगू होने पर करवाया था भर्ती, जूनियर डॉक्टरों से नहीं संभला केस

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

चौपासनी रोड स्थित जीवन ज्योति नर्सिंग होम के डॉक्टरों की लापरवाही से एक पिता को अपना इकलौता पुत्र खोना पड़ गया। उसके पुत्र को डेंगू होने पर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। प्रतापनगर थाने मेें डॉक्टरों के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कराया गया है। जांच एसआई जसराज की तरफ से की जा रही है।

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चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के मॉडल टाऊन स्थित डी- 13 भट्टी की बावड़ी एरिया में रहने वाले जयकुमार पुत्र राधाकृष्ण थदानी फुटवियर की दुकान चलाते है। यह दुकान उनके इकलौते पुत्र राहुल फुटवियर के नाम से चलती है। 22 वर्षीय राहुल बीकॉम कर चुका था। गत 12 सितंबर को वह दुकान गया था। तब शाम के समय उसे बुखार सा आने लगा। इस पर उसे डॉक्टर पीएन सचदेवा को दिखाया गया। इस पर उसका ब्लड टेस्ट करवाया गया। ब्लड टेस्ट में उसे डेंगू होने की पुष्टि हुई और डॉक्टर सचदेवा ने किसी अच्छे चिकित्सालय में उपचार करवाए जाने की सलाह दी। इस पर जयकुमार अपने पुत्र राहुल को 15 सितंबर को चौपासनी रोड स्थित जीवन ज्योति नर्सिंग होम लेकर गए जहां पर अस्पताल के संचालक डॉक्टर महेश बालानी ने भी टेस्ट किया और डेंगू बताकर अस्पताल में उपचार करवाए जाने का कहा। इस पर राहुल को उसी दिन अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। 

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प्लेटलेटस कम बताए जाने पर राहुल को दो यूनिट खून दिया गया। यह ब्लड 15-16 सितंबर को दिया गया। इसके बाद 17 सितंबर को स्वास्थ्य में कुछ सुधार हुआ और 18 को वह ठीक हो गया था लेकिन 19 सितंबर को उसके शरीर में अचानक तेज बुखार होने लगा। तब डॉक्टर महेश बालानी ने उसके पुत्र को साधारण दर्द निवारक इजेंक्शन दिया। दर्द कुछ क म हुआ, लेकिन उसी दिन यानी 19 सितंबर को डॉक्टर बालानी एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली चले गए और अपने जूनियर डॉक्टर सुरेंद्र मोटवानी और श्याम सुंदर के भरोसे राहुल को छोड़ गए। राहुल को रात में फिर तेज दर्द होने लगा। इस पर जूनियर डॉक्टर मोटवानी और श्यामसुंदर ने फोन पर डॉक्टर बालानी से विचार करते हुए इलाज जारी रखा। वे उसे बार बार दर्द निवारक इंजेक्शन देते रहे। बीस सितंबर को राहुल का शरीर ठंडा पडऩे पर उक्त जूनियर डॉक्टरों ने हाथ झटक उसे डिस्चार्ज कर दिया। 

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आखिरकार पीडि़त जयकुमार अपने पुत्र राहुल को लेकर रेजिडेंसी रोड स्थित गोयल अस्पताल लेकर गए जहां पर डॉक्टर ने पहले वाली रिपोर्ट चेक करते हुए इलाज शुरू करने के साथ उसका ब्लड प्रेशर लॉ बताया। ब्लड प्रेशर को कं ट्रोल करने के बाद ही इलाज शुरू करना बताया। राहुल को आईसीयू में भर्ती करवाया गया लेकिन 21 सितंबर की मध्य रात ढाई बजे राहुल की मौत हो गई। पुत्र की मौत का सदमा झेले रहे पिता जयकुमार ने अदालत में इस्तगासा दायर कर कल प्रतापनगर थाने में जीवन ज्योति अस्पताल प्रबंधन के उक्त डॉक्टरों पर पुत्र की मौत और इलाज में लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाया और केस दर्ज करवाया।

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