माचिया पार्क में एक शावक की मौत, दूसरे की हालत गंभीर

जागरूक टाइम्स 823 Jul 2, 2018

- माचिया जैविक उद्यान में शेरनी ने शावक पर रखा भारी भरकम पैर

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

माचिया जैविक उद्यान में पांच दिन पूर्व जन्मे शावकों को मां का दूध पिलाने के लिए शेरनी के पास छोड़ना जानलेवा साबित हुआ। इस दौरान गलती से शेरनी ने अपने भारी भरकम पांव से शावकों को कुचल दिया। हमेशा अपने शावकों का त्याग करने वाली शेरनी की इस लापरवाही से एक शावक का दम टूट गया, जबकि दूसरा जिन्दगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।

शेरनी आरटी ने गत बुधवार को एक नर व एक मादा शावक को जन्म दिया था। हालांकि हमेशा की तरह इस बार भी उसने अपने शावकों को दूध नहीं पिलाया। अलबत्ता इस बार उसने अपने शावकों पर काफी दुलार बरसाया। साथ ही वह लगातार उन्हेंं सहलाती रही। भूख के मारे परेशान शावकों को बाहर निकाल बोतल से दूध पिलाया जा रहा था।

शेरनी की देखभाल करने वाले डॉ. श्रवणसिंह राठौड़ ने बताया कि शावकों को उनके मां के सान्निध्य में रखने के लिए पार्क प्रशासन तीन रात से उन्हें रोज रात को बोतल से दूध पिलाने के बाद शेरनी के पिंजरे में छोड़ रहा था। दो दिन तक शावक ठीक रहे। इस दौरान शावकों के प्रति शेरनी का व्यवहार भी बहुत अच्छा रहा।

कल रात शेरनी के पिंजरे में हादसा हो गया। शेरनी के अपने पिंजरे में उछल कूद मचाने के दौरान उसके दोनों पांव शावकों के पेट पर जोर से गिरे। इससे दोनों नवजात शावक बुरी तरह से घायल हो गए। केयर टेकर ने तुरंत शेरनी को पिंजरे से बाहर निकाल शावकों को संभाला। तब तक इनमें से एक शावक की मौत हो गई। दूसरे शावक की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उसका इलाज किया जा रहा है।

प्रयोग करना पड़ा भारी

दोनों शावकों का वजन कम होने के कारण और पिछले शावकों को आंखों की तकलीफ को ध्यान में रखते हुए यह प्रयोग किया गया। गुजरात के लायन विशेषज्ञ रियाज कड़ीवार से इस बाबत विस्तार से बातचीत के बाद शावकों को मां का दूध पिलाने के लिए रात्रि में मां शेरनी के पास छोड़ा गया था, लेकिन मां का ममत्व शावकोंं के लिए भारी पड़ गया।

ऐसा माना जा रहा है कि रात को शेर की जोरदार दहाड़ के बाद अपने शावकों की सुरक्षा को लेकर घबराई शेरनी ने पिंजरे में उछलकूद मचाना शुरू कर दिया। इस दौरान ही यह हादसा हो गया। गौरतलब है कि माचिया में इससे पहले भी शावकों की मौत हो चुकी है।

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