आसाराम ने सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर की अपील

जागरूक टाइम्स 832 Jul 2, 2018

- शिल्पी व शरदचंद्र की याचिका मंजूर

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

अपने ही आश्रम की नाबालिग छात्रा से यौन शोषण के दोषी आसाराम ने जोधपुर की एससी-एसटी विशेष न्यायालय द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट में अपील दायर की है। वहीं मामले में आसाराम के सह आरोपी सजायाफ्ता शिल्पी उर्फ संचिता गुप्ता व शरदचंद्र द्वारा सेशन कोर्ट के फैसले को चुनौती देने की अपील याचिका की सुनवाई सोमवार को हाईकोर्ट में की गई जिसमे हाईकोर्ट जस्टिस पीके लोहरा की अदालत ने इन सजायाफ्ता आरोपियों की अपील स्वीकार करते हुए अधिनस्थ न्यायालय से रेकर्ड तलब किया है। इन सभी आरोपियों के अधिवक्ता महेश बोड़ा व सह अधिवक्ता निशांत बोड़ा द्वारा यह अपील प्रस्तुुत की गई है।

लोअर कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद कोई भी व्यक्ति इस सजा को साठ दिन के भीतर हाईकोर्ट में चुनौती दे सकता है। आसाराम को जोधपुर के एससी-एसटी विशेष न्यायालय ने गत 25 अप्रेल को सजा सुनाई थी। एेसे में यह सजा सुनाए जाने के साठ दिन पूरे हो चुके हैंं, लेकिन जोधपुर में वकीलों की 36 दिन तक चली हड़ताल के कारण आसाराम को याचिका पेश करने में इस अवधि से छूट मिल गई। गत 25 अप्रेल को एससीएसटी कोर्ट के पीठासीन अधिकारी सेशन केडर जज मधुसूदन शर्मा ने मामले में आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वहीं शिल्पी उर्फ संचिता गुप्ता व सेवक शरदचंद्र को 20-20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी जिसमे अब शिल्पी व शरदचंद्र की सुनवाई एकलपीठ में होगी। वहीं आसाराम के उम्रकैद के मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की खंडपीठ में होगी।

पूरी सावधानी बरती

लोअर कोर्ट से दोषी ठहराने के बाद पूरी उम्र जेल में रहने की सजा मिलने के बाद आसाराम ने अपनी सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील पेश करने में बहुत सावधानी बरती है। बताया गया है कि आसाराम की तरफ से जोधपुर के नामी वकीलों से हाईकोर्ट में पेश की जानी वाली अपील का अलग-अलग ड्राफ्ट तैयार करवाया गया। इन सभी के तैयार ड्राफ्ट को सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध वकीलों के पास भेजा गया। वहां से इन सभी ड्राफ्ट को मिलाकर एक ड्राफ्ट तैयार कर अपील पेश की गई है।

बरी मामले में अपील पेश

यौन उत्पीड़न मामले में आसाराम के सह आरोपी सेवादार शिवा व प्रकाश को एससी-एसटी कोर्ट ने बरी किया था। जिस पर इन दोनों ही आरोपियों ने बरी होने के बाद बरियत मुचलके प्रस्तुत किए थे। इसके बाद इन दोनों को बरी करने के फैसले में अपील करते हुए अधिवक्ता पीसी सोलंकी ने हाईकोर्ट में अधिनस्थ न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए अपील पेश की है। इस मामले की सुनवाई अगले सप्ताह होने के आसार है। 

यह है नियम

उम्र कैद से जुड़ी सजा के फैसलों के अपीलों की सुनवाई खंडपीठ में की जाती है। ऐसे में आसाराम द्वारा प्रस्तुत अपील की सुनवाई भी हाईकोर्ट में किसी एक खंडपीठ में होगी, जिसमे दो जजों की बैंच में आसाराम के केस को सुना जाएगा। बता दे कि पच्चीस अप्रेल को कोर्ट ने आसाराम को दोषी करार देते हुए मरते दम तक उम्र कैद की सजा सुनाई। वहीं इस मामले में उनके दो सहयोगी शिल्पी और शरतचन्द्र को बीस-बीस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।

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