बांधो की सुरक्षा को लेकर विभाग मुस्तैद, लबालब होने पर हजारो किसान होगें लाभान्वित

जागरूक टाइम्स 1238 Jul 22, 2018

भीनमाल। अच्छी बारिश की संभावना के चलते भीनमाल, रानीवाड़ा व जसवंतपुरा उपखंड क्षेत्र के अधीनस्थ चार बड़े बांधों की सुरक्षा को लेकर सिंचाई विभाग बड़ा मुश्तैद नजर आ रहा है। जेतपुरा बांध गतवर्ष क्षतिग्रस्त होने की वजह से पानी का भराव नही होगा। जिसका नुकसान किसानो को उठाना पडेगा। यदि चारो बांध पानी से लबालब होते है, तो हजारों किसान प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होगे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जसवंतपुरा उपखंड क्षेत्र में जोधपुर संभाग का तीसरा बड़ा बांडी-सिणधरा बांध भी पिछली बार भरने के बावजूद कैनाल की प्रभावी व्यवस्था के अभाव में किसानों को संभावना से कम ही फायदा मिल पाया था । गत वर्ष अतिवृष्टि के दौरान क्षतिग्रस्त कैनालों की भी पूरी तरह से मरम्मत नहीं होने की वजह से इस बार भी किसानों को बांध भरने के बावजूद प्रत्यक्ष रूप फायदा मिलने की संभावना कम ही नजर आ रही है।

यही हालात बीठण बांध व भीनमाल से लगते बालसमंद बांध व वणधर बांध के बने हुए है। हालांकि उक्त बांध यदि लबालब होते है, तो उसके पडाव क्षेत्र में भू-जल स्तर सुधरने की वजह से किसानों को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा मिलने की प्रबल सभांवना है। वर्षा के दौरान बांधों की सुरक्षा के लिए सिंचाई विभाग की ओर से समस्त बांधों पर एक-एक कर्मचारी, वायरलेस, रेत के कट्टे, नाव, बैटरी और लाइफ जैकेट के इंतजाम किए गए है।

बांडी-सिणधरा बांध : उक्त बांध की भराव क्षमता 1085 एमसीएफटी है। यदि उक्त बांध लबालब होता है, तो 44 किलोमीटर नहर की सहायता से 4600 हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। उक्त बांध की ऊंचाई 7.66 मीटर व लंबाई 2.5 किलोमीटर है। पानी निकासी के लिए दो गेट की व्यवस्था भी है। भरने के दौरान फैलाव क्षमता करीबन 30 वर्ग किलोमीटर है।

बीठण बांध : उक्त बांध की भराव क्षमता 254 एमसीएफटी है। यदि उक्त बांध लबालब होता है, तो 8700 मीटर नहर की सहायता से 773 हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। उक्त बांध की ऊंचाई 19.25 फीट व लंबाई 1.25 किलोमीटर है। पानी निकासी के लिए एक गेट की व्यवस्था भी है। भरने के दौरान फैलाव क्षमता करीबन 10 वर्ग किलोमीटर है।

बालसमंद बांध : उक्त बांध की भराव क्षमता 101 एमसीएफटी है। यदि उक्त बांध लबालब होता है। नहर के अभाव में किसानों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ नहीं होता है, लेकिन जल स्तर में सुधार की वजह से उसके पडाव क्षेत्र में दर्जनों कृषि कुओं का जल स्तर बढने से सैकड़ों किसानों को फायदा मिलेगा।

उक्त बांध की ऊंचाई 2 मीटर व लंबाई 1170 मीटर है। पानी निकासी के लिए एक गेट की व्यवस्था भी है। भरने के दौरान फैलाव क्षमता करीबन 1.6 वर्ग किलोमीटर है। वर्तमान में उक्त बांध पर सुरक्षा के कोई बंदोबस्त नहीं है और न ही कोई कर्मचारी नियुक्त है।

वणधर बांध : उक्त बांध की भराव क्षमता 119 एमसीएफटी है। यदि उक्त बांध लबालब होता है, तो 4.5 किलोमीटर नहर की सहायता से 504 हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। उक्त बांध की ऊंचाई 5.70 मीटर व लंबाई 1.6 किलोमीटर है। पानी निकासी के लिए एक गेट की व्यवस्था भी है।

भरने के दौरान फैलाव क्षमता करीबन 2.5 वर्ग किलोमीटर है। वर्तमान में उक्त बांध पर महादेवाराम देवासी नियुक्त है। लेकिन गत वर्ष बाढ़ के दौरान उक्त बांध क्षतिग्रस्त हो गया था। रानीवाडा विधायक नारायणसिंह देवल के प्रयासो से उक्त बाध की मरम्मत के लिए राज्य सरकार द्वारा 1 करोड़ 85 लाख का बजट आंवटन होने के बाद मरम्मत कार्य अंतिम चरण में चल रहा है।

जैतपुरा बांध : उक्त बांध की भराव क्षमता 88.43 एमसीएफटी है। यदि उक्त बांध लबालब होता है, तो 7.5 किलोमीटर नहर की सहायता से 325 हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। उक्त बांध की ऊंचाई 5 मीटर व लंबाई 1.17 किलोमीटर है। पानी निकासी के लिए एक गेट की व्यवस्था भी है।

भरने के दौरान फैलाव क्षमता करीबन 1 वर्ग किलोमीटर है। लेकिन गत वर्ष बाढ़ के दौरान उक्त बांध क्षतिग्रस्त हो गया था। राज्य सरकार द्वारा मरम्मत के लिए 2 करोड़ 59 लाख ेा बजट आंवटन हुआ है। जिसकी निविदा प्रकिया जारी है। इस कारण इस वर्ष बारिश के दौरान पानी का भराव भी नही हो पाएगा।बांधो की सुरक्षा को लेकर विभाग मुश्तैद है। पल पल कि सुचना ली जा रही है। यदि उक्त बांध पानी से भरते है, तो हजारों किसान लाभान्वित होंगे। ... अब्दुल हमीद, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग भीनमाल।

किसानों के कल्याणार्थ सरकार गंभीर है। वणधर बांध मरम्मत के लिए राज्य सरकार द्वारा 1 करोड़ 85 लाख व जेतपुरा बांध के लिए 2 करोड़ 59 लाख रूपए स्वीकृत हुए थे। वणधर बांध के मरम्मत का कार्य अंतिम चरण में है। जबकि जेतपुरा बांध के मरम्मत के लिए निविदा प्रकिया जारी है। ... नारायणसिंह देवल,विधायक रानीवाड़ा।

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