लिखित में समझौता पत्र पर हस्ताक्षर होने पर ही माने विद्यार्थी

जागरूक टाइम्स 882 Jul 17, 2018

अधिकारियों और कांग्रेस नेताओं ने अनशन पर बैठे दो छात्रों को पिलाया ज्यूस
सांसद की गाड़ी को प्रदर्शन कारियों ने रोका, थमाया ज्ञापन
जालोर। जालोर में व्याख्याताओ की कमी और छात्रावास समेत कई मांगो को लेकर दो युवा भूख हड़ताल पर थे, लेकिन भाजपा से कोई नेता मिलने तक नहीं आया, क्योकि NSUI का ठप्पा लग गया था. हालाँकि मुद्दा छात्र हित का था. इधर कांग्रेस के बड़े नेता तो पहले दिन से चौथे दिन तक पास नहीं फटके, लेकिन पांचवे दिन बरसाती राजनीति ने रंग दिखाया और पूर्व एमपी मेघवाल और कांग्रेस जिला अध्यक्ष पहुँच गए. जिला मुख्यालय पर सोमवार को वीर वीरमदेव महाविद्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे दो छात्र नेताओं ने समझौता पत्र पर महाविद्यालय वार्ता समिति के सदस्यों और एनएसयूआई छात्र प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर होने पर भूख हड़ताल समाप्त की। दोनों छात्र नेता धीरज गुर्जर और दीपक थांवला को ज्यूस पिलाकर अनशन समाप्त करवाया गया। दोनों छात्र पिछले 120  घण्टों से भी अधिक समय से अनशन पर थे और महाविद्यालय में छात्रावास को फिर से प्रारंभ करने, हिन्दी के व्याख्याताओं को लगाने और सुरक्षा व्यवस्था के तहत चौकी स्थापित करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर भूख हड़ताल कर रहे थे। सोमवार सवेरे से ही विद्यार्थियों का प्रदर्शन तेज हो गया था। इधर एसडीएम राजेन्द्र सिसोदिया की भी लगातार प्रदर्शन कारियों से वार्ता चल रही थी, लेकिन कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आ रहा था। प्रदर्शनकारी इस बात पर ही अड़े हुए थे कि कॉलेज से प्रतिनिधि मण्डल वार्ता करने आए और लिखित में आश्वासन दे। उनका यह भी कहना था कि पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल पर है, लेकिन कॉलेज से एक भी व्यक्ति मिलने नहीं आया, जबकि एसडीएम हर रोज वार्ता कर रहे है। बाद में दोपहर तक मानने का दौरचलता रहा। उसी दौरान सांसद देवजी एम पटेल की गाड़ी जैसे ही कलक्टरी के बाहर आई तो आक्रोशित विद्यार्थी गाड़ी की ओर दौड़े और पीड़ा बताई। करीब 15  मिनट तक सांसद ने छात्रों की बात सुनी और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इधर एसडीएम सिसोदिया के फोन करने पर कॉलेज से प्रतिनिधि मण्डल वार्ता करने धरना स्थल पहुंचा। करीब डेढ घण्टे तक वार्ता का दौर चलता रहा। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की ओर लक्ष्मणसिंह और नवीन व्यास ने बात रखी। बीच-बीच तीखी नोंक झोंक भी हुई। काफी देर तक आपसी सहमति नहीं बनी। एसडीएम ने भी विद्यार्थियों की मांग को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही। इधर पुलिस के जवान भी मौके पर तैनात रहे। एक बारगी तो वार्ता विफल होती नजर आई। बाद में एसडीएम और कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में वार्ता सफल हुई और लिखित में समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।

धरना स्थल पर पहुंंचे कई कांग्रेसी नेता

पिछले पांच दिनों से हड़ताल पर बैठे छात्रों के समर्थन में कांग्रेस नेताओं के आने का सिलसिला भी चलता रहा। सोमवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष समरजीतसिंह, पूर्वसांसद पारसाराम मेघवाल, जितेन्द्र कसाना, प्रवक्ता योगेन्द्रसिंह कुम्पावत समेत कई जने पहुंचे। नेताओं ने भी प्रदर्शनकारियों की बात का समर्थन किया और कॉलेज से संबंधित मांगों का मानने का दबाव बताया।

चिकित्सक दल के नहीं पहुंचने पर नाराज हुए छात्रनेता

धरना स्थल पर सोमवार सुबह चिकित्सक दल के जांच करने नहीं पहुंचने पर विद्यार्थियों में आक्रोश भर गया। उन्होंने एसडीएम के सामने नाराजगी व्यक्त की। नवीन व्यास ने कहा कि एसडीएम के लिखित आदेश को भी डॉक्टर नहीं मान रहे। चिकित्सा विभाग की अनदेखी साफ नजर आ रही है। छात्र नेता लक्ष्मणसिंह ने कहा कि रविवार को भी चिकित्सक स्वास्थ्य जांच करने नहीं पहुंचे तो एसडीएम सिसोदिया ने पीएमओ को फोन किया और इस बारे में जानकारी ली और तत्काल प्रभाव से चिकित्सक दल को धरना स्थल पर भेजने के निर्देश दिए।

प्रदर्शनकारियों ने प्रेस वार्ता कर बताई मांग

धरना स्थल पर प्रदर्शन कारियों ने प्रेसवार्ता भी की। उन्होंने कहा कि कॉलेज में छात्रावास को फिर से शुरू किया जाए। हिन्दी संकाय में चार रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाए और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए चौकी स्थापित करने समेत कई मांगों के बारे में बताया।

सांसद की गाड़ी देखी तो दौड़े छात्र

कलक्टरी में बैठक को पूरा कर जैसे ही सांसद देवजी एम पटेल की गाड़ी बाहर निकली तो आक्रोशित छात्र गाड़ी के आगे आ गए और गाड़ी को रुकवाया। एक बार तो पुलिस भी माजरा समझ नहीं पाई। वहां तैनात कांस्टेबल तत्काल सांसद की गाड़ी के पास पहुंचे। करीब 15 मिनट तक छात्रों ने सांसद को मांगे बताई।

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