जालोर : फिल्मी अंदाज में परीक्षा सेंटर से फर्जी अभ्यर्थी भागा, पर्यवेक्षक ने किया पीछा

जागरूक टाइम्स 361 Jan 15, 2021

- काफी दूरी तक पीछा करने पर भी पकड में नहीं आया

- महिला वीक्षक को धक्का देकर भागा फर्जी व एवजी अभ्यर्थी

जालोर। जिला मुख्यालय पर आयोजित हो रही डीएलईडी परीक्षा में गुरुवार को फिल्मी अंदाज में एक फर्जी व एवजी अभ्यर्थी परीक्षा सेंटर से भाग गया। उसने परीक्षा कक्ष में से महिला वीक्षक को धक्का दिया और सेंटर से भागने के लिए पूरी गति से दौड लगाई। फर्जी अभ्यर्थी को भागता देख पर्यवेक्षक और अन्य कार्मिक ने काफी दूर तक पीछा किया, लेकिन वो पकड में नहीं आया और भागने में सफल हुआ। यह वाकया है राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल शहरी में आयोजित डीएलईडी प्रथम वर्ष की परीक्षा के दौरान गुरुवार को घटित हुआ, जब एक एवजी और फर्जी अभ्यर्थी परीक्षा सेंटर से भाग गया। बाद में स्कूल प्रशाासन की ओर से इस घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई।

गौरतलब है कि कार्यालय पंजीयक शिक्षा विभागीय परीक्षाएं राजस्थान बीकानेर की ओर से आयोजित डीएलईडी परीक्षा के केन्द्र राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल शहरी जालोर में गुरूवार को डीएलईडी प्रथम वर्ष की परीक्षा आयोजित हुई, जिसमें परीक्षा के दौरान कमरा नम्बर दस में वीक्षक व्याख्याता श्रीमती संतोष परमार द्वारा कमरे में बैठे परीक्षार्थियों की जांच करने पर एक अभ्यर्थी पर संदेह हुआ। बाद में जांच की तो पता चला कि करण कुमार पुत्र जयकिशन साहु के स्थान पर बैठे उपस्थित व्यक्ति के फोटो का मिलान किया तो फर्जी व एवजी अभ्यर्थी होने का संदेह हुआ। इस पर संबंधित अभ्यर्थी से पूछताछ की तो वो महिला वीक्षक को धक्का देकर परीक्षा सेंटर से भाग गया। बाद में पर्यवेक्षक ब्रजेष कुमार शुक्ल ने फर्जी अभ्यर्थी का काफी दूरी तक पीछा किया, लेकिन वो पकड में नहीं आया। हालांकि अभी तक संबंधित व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई है।

गत आठ जनवरी को भी पकड में आया था एवजी अभ्यर्थी
गत आठ जनवरी को भी एक अभ्यर्थी फर्जी व एवजी के रूप में पकड़ा गया। सबसे बड़ी बात यह है कि शहरी स्कूल से ही उस फर्जी अभ्यर्थी को पकड़ा गया था, लेकिन परीक्षा आयोजित करवाने वाली संस्था, प्रशासन व पुलिस सतर्क नही हुए। हालांकि इस क्षेत्र में वीक्षकों द्वारा प्रयास किया जा रहा है, लेकिन नकल गिरोह को रोकने के लिए टीम वर्क ने काम की जरूरत है।
हो सकती है नकल की बडी गेंग
डीएलईडी की परीक्षा के दौरान नकल का यह दूसरा मामला है। इससे संदेह है कि कथित रूप से एक गिरोह के माध्यम से एवजी और फर्जी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाया जा रहा है। इस मामले में सख्ती और सतर्कता की जरूरत है। लेकिन अभी जिला डाइट, प्रशासन और पुलिस की ओर से कोई विशेष अभियान नहीं चलाया जा रहा है।
जालोर से पहले भी नकल गिरोह से जुड चुके है तार
जालोर जिले से पहले भी नकल गिरोह से तार जुड़े हुए है। सांचोर क्षेत्र का नाम भी चर्चा में रहा। अन्य जिलों में भी नकल के मामलों में जालोर के लोगों के नाम पहले भी सामने आए है। ऐसे में हर परीक्षा पर विशेष निगरानी की जरूरत होती है ,लेकिन डीएलईडी की परीक्षा में नकल रोकने, फर्जी और एवजी अभ्यर्थियों को पकड़ने के मामले में पुलिस को भी सतर्क नहीं किया है। वही आठ जनवरी को मामला सामने आने के बाद भी डाइट प्रशासन विशेष सतर्क नही हुआ है।




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