जालोर के साथ सौतेला व्यवहार कर रही सरकार

जागरूक टाइम्स 444 May 7, 2021

रानीवाड़ा। कोरोना की दूसरी लहर पूरे देश और प्रदेश में कहर ढ़हा रही है जिससे जालोर जिला भी अछूता नहीं है। पूरे जालोर जिले में संक्रमितों का आंकडा लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकारी संसाधन अपर्याप्त साबित हो रहे हैं। जिले के भामाशाह मदद करने को तैयार हैं लेकिन सरकार की उदासीनता का आलम ये है कि ना तो जिला चिकित्सालय में पर्याप्त संख्या में चिकित्सक हैं और ना ही पूरे जिले के किसी भी स्वास्थ्य केन्द्र पर। ऊपर से कोढ़ में खाज का काम कर रहा है जिले के साथ सरकार का सौतेला रवैया। जहां पड़ौसी जिले सिरोही और बाड़मेर को दवाईयों और रेमडेसीविर इंजेक्शन की आपूर्ति प्रतिदिन 300 और 400 इंजेक्शन की जा रही है, वहीं जालोर को केवल 40 इंजेक्शन प्रतिदिन दिये जा रहे हैं, जबकि पॉजिटिव केस बहुत ज्यादा आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में जिले की चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई है। ये कहना है रानीवाड़ा विधायक नारायण सिंह देवल का। देवल ने मुख्यमंत्री व चिकित्सा मंत्री को पत्र लिखकर जिले में फिजिशियन सहित चिकित्सकों व नर्सिंगकर्मियों के रिक्त पदों को शीघ्र भरे जाने एवं रेमडेसीविर इंजेक्शन तथा दवाईयों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने की मांग की है। गौरतलब है कि रानीवाड़ा में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या में वृद्धि होने के कारण ग्रामीण लोगों को ईलाज की सुविधा स्थानीय स्तर पर नहीं मिल रही थी। लोगों को ईलाज के लिए गुजरात के शहरों में जाना पड़ रहा था जिससे गरीब लोगों का समय व धन दोनों बर्बाद हो रहे थे तथा मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा था। इस बारे में देवल ने एक मई को मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री को पत्र लिख कर रानीवाड़ा उपखण्ड मुख्यालय पर डेडिकेटड कोविड सेंटर खोले जाने की मांग की थी।


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