आहोर में टेंडर प्रक्रिया पर विवाद : चहेते ठेकेदारों को टेंडर देने का आरोप

जागरूक टाइम्स 80 Jan 5, 2021

- कई ठेकेदारों ने प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की

- सरपंचों ने इस टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की

जालोर. जालोर जिले की आहोर पंचायत समिति में मंगलवार सुबह पंचायतों के टेंडर प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया। ठेकेदारों ने प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की और निविदा जमा नहीं करने का आरोप लगाया। कई ठेकेदारों ने प्रशासन पर चहेतों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। मामला बढ़ता देख पुलिस तैनात की गई। बाद में सभी ठेकेदारों को निविदाएं जमा करवाने की अनुमति दी गई। व्यवस्थित तरीके से निविदाएं जमा करने के बाद बॉक्स को पुलिस सुरक्षा में थाने में जमा किया है। इधर, सरपंचों ने आरोप लगाया कि कुछ ठेकेदारों की ओर से न्यूनतम बीएसआर भरकर ग्रामीण विकास में प्रभाव डालने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद कई सरपंचों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर उक्त निविदा प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की है।

चहेतों को लाभ पहुंचाने का आरोप
जानकारी के मुताबिक आहोर पंचायत समिति की ग्राम पंचायतों के कार्यों को लेकर मंगलवार सुबह 9 बजे निविदाएं जमा करने का समय था। बड़ी संख्या में ठेकेदार व सरपंच समिति परिसर पहुंच गए। इस दौरान कई ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर निविदाएं जमा नहीं करने दी जा रही है। इस कारण काफी ठेकेदारों ने नारेबाजी शुरू कर दी। प्रशासन के विरुद्ध आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से मनमानी तरीके से मिलीभगत करते हुए चहेते ठेकेदारों को टेंडर देने के प्रयास किए जा रहे हैं। पारदर्शी प्रक्रिया नहीं अपनाने के कारण विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। ऐसे में बाद में विकास अधिकारी की ओर से व्यवस्थित तरीके से निविदाएं जमा करवाई गई। ठेकेदारों की नारेबाजी और प्रदर्शन को देखते हुए पंचायत समिति परिसर में पुलिस तैनात की गई बाद में जमा की गई निविदाओं के बॉक्स को पुलिस सुरक्षा में थाने में जमा करवाया है।

सरपंचों ने जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
आहोर में निविदा प्रक्रिया को लेकर विवाद होने के बाद कई सरपंच एकत्रित होकर जालौर जिला कलेक्टर हिमांशु गुप्ता के पास पहुंचे। जहां उन्होंने कहा कि गांव में गुणवत्तापूर्ण विकास के लिए व्यवस्थित बीएसआर भरकर काम कराने का प्रयास किया जा रहा है। सरपंच चाहते हैं कि गांव में गुणवत्तापूर्ण कार्य हो, लेकिन कई ठेकेदार बीएसआर से कम दरें भरकर टेंडर लेकर गांव में गुणवत्तापूर्ण कार्य को प्रभावित करना चाह रहे हैं। सरपंचों ने मंगलवार को की गई इस टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की।

इनका कहना है....
निविदाएं जमा करने के दौरान कुछ अव्यवस्था हो गई थी। पुलिस बुलाकर फिर बाद में व्यवस्थित तरीके से निविदाएं बॉक्स में जमा कर ली गई है, जिसे बाद में थाने में जमा करवा दिया गया है। 41 पंचायतों के लिए करीब चार सौ से अधिक निविदाएं जमा हुई है। किसी ने कोई लिखित में आपत्ति नहीं दी है। - लक्ष्मणसिंह सांदू, विकास अधिकारी, आहोर

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