इंसाफ के लिये 11 दिन तक 3 मासूम बच्चों के साथ महिला ने किया 350 KM का पैदल सफर

जागरूक टाइम्स 158 Dec 8, 2021

जयपुर. इंसाफ की मांग लेकर बीकानेर में 45 दिन तक अनशन पर रही महिला शिक्षक सुरेन्द्र कौर को जब न्याय नहीं मिला तो वह अपने तीन मासूम बच्चों को लेकर बीकानेर से ही पैदल जयपुर के लिए रवाना हो गई. 11 दिन में बीकानेर से करीब 350 किलोमीटर पैदल सफर कर महिला जयपुर तो पहुंच गई, लेकिन उसकी सीएम अशोक गहलोत से मुलाकात नहीं हो पाई. महिला का कहना है कि उसकी मांग को पूरा किया जाए और उसे इंसाफ दिलाया जाए.

सुरेंद्र कौर का कहना है कि मुख्यमंत्री के अधिकारियों से उनकी मुलाकात करवा दी गई. उन्हें यह कहा गया कि मुख्यमंत्री कोरोना के चलते अभी लोगों से सीधे मुलाकात नहीं कर रहे हैं. इस शिक्षिका का कहना है कि उसके साथ जो नाइंसाफी हुई है उसके लिए उसे मुख्यमंत्री से मुलाकात करनी है और इंसाफ चाहिए. अगर अगले 2 दिनों में उन्हें इंसाफ नहीं दिया गया और मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं कराई गई तो वह जयपुर से अपने तीन बच्चों को लेकर पैदल ही दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी और वहां प्रधानमंत्री से अपनी गुहार लगाएगी.

दरअसल सुरेंद्र कौर सरकारी स्कूल में तृतीय श्रेणी की टीचर है. उसने उस स्कूल के प्रधानाध्यापक के ऊपर गंभीर आरोप लगाये हैं. सुरेन्द्र कौर का कहना है कि प्रधानाध्यापक ने उसको धक्का दिया. उसके साथ मारपीट कर दुर्व्यवहार किया. सुरेंद्र कौर का यह भी आरोप है कि प्रधानाध्यापक ने गलत तरीके से इंटर्नशिप का सर्टिफिकेट बना कर देना चाहा. उसने प्रधानाध्यापक की इस गैरकानूनी कार्रवाई में मदद करने से इंकार कर दिया.

इस पर प्रधानाध्यापक उनके साथ में दुर्व्यवहार किया उन्हें धक्का दे दिया. अपने साथ हुई नाइंसाफी के खिलाफ इंसाफ मांगने के लिए सुरेंद्र कौर बीकानेर में ही 45 दिन तक धरने पर बैठी रही और अनशन किया. जब वहां पर उसे इंसाफ नहीं मिला तो अपने तीन मासूम बच्चों को लेकर बीकानेर से पैदल जयपुर के लिए रवाना हो गई.

सफर लंबा था और अनशन भी जारी था. लेकिन वह 11 दिन तक पैदल चलकर करीब 350 किलोमीटर का सफर पूरा कर सोमवार को जयपुर पहुंची. लेकिन यहां उसे मुख्यमंत्री से नहीं मिलाया गया. महिला ने जयपुर में शहीद स्मारक पर अनशन कर रही है. सुरेन्द्र कौर की मांग है कि उसे मुख्यमंत्री से मिलाया जाए.


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