देश का पहला ई हाईवे बनेगा जयपुर, दिल्ली और आगरा का गोल्डन ट्रायंगल, जानिये पूरा प्रोजेक्ट

जागरूक टाइम्स 264 Oct 18, 2021

जयपुर. राजस्थान से बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है. प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन परिवहन को बढ़ावा देने के लिये राजस्थान और केन्द्र सरकार दोनों मिलकर कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं. इस दिशा में पहला कदम बढ़ाते हुये भारत सरकार ने देश के पहले ई हाईवे के रूप में राजस्थान से गुजरने वाले जयपुर, दिल्ली और आगरा के गोल्डन ट्रायंगल रूट को चुना है. अगर सबकुछ ठीकठाक रहा तो वर्ष 2022 के फरवरी माह में इस पर ट्रायल रन किया जायेगा. उसके बाद इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन पेट्रोल-डीजल की टंकी नहीं बल्कि बैटरी फुल करवाकर सरपट दौड़ेंगे. इस हाई वे पर 36 चार्जिंग प्वाइंट स्थापित कर दिये गये हैं. जानकारी के अनुसार लगभग 200 करोड़ रुपये के निवेश से इस हाईवे पर ई-कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है.
 
इस रूट पर चार्जिंग पॉइंट का खर्चा भारी उद्योग मंत्रालय वहन कर रहा है. इसमें सहयोग के लिये राज्य सरकार ने अपने तीन विभागों को परिवहन, नगरीय विकास और उद्योग विभाग को उसके साथ एसोसियेट किया है. इस रूट पर एक एसयूवी वाहन एक बार फुल चार्ज के बाद 180 किलोमीटर तक सरपट दौड़ सकेगी. बीच रास्ते में कहीं कोई समस्या होने पर उसे महज 30 मिनट में टैक्नीकल हेल्प भी उपलब्ध हो सकेगी. एक मोटे अनुमान रनिंग में आने के बाद प्रतिवर्ष करीब 90 हजार वाहन इस कॉरिडोर का उपयोग करेंगे. राजस्थान में इस बार पहली दफा ई-व्हीकल नीति भी बनाई गई है. इसके साथ ही राज्य सरकार ई-व्हीकल्स के चार्जिंग प्वाइंट बनाने के लिये आधी दर पर जमीन देने का फैसला भी कर चुकी है। राजधानी जयपुर जल्द ही करीब 100 चॉर्जिंग प्वाइंट तैयार हो जायेंगे. इनमें से करीब 50 तो तैयार हो चुके हैं और इतनों पर काम चल रहा है. आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान में अभी करीब 41 हजार ई व्हीकल्स का रजिट्रेशन हो चुका है.

सरकार का टार्गेट है कि आगामी 2024 तक कुल वाहनों में से 25 फीसदी ई व्हीकल हो. इसकी तैयारियां जोर शोर से की जा रही है. राजस्थान में यात्रियों की लाइन लाइफ के तौर पहचाने जाने वाली रोडवेज भी अब इलेक्ट्रिक बसों की ओर रुख कर रही है. वहीं जयपुर में संचालित जेसीटीएसएल भी इसकी तैयारियां कर रही है. ये दोनों पहले इलेक्ट्रोनिक बसों को खरीदने के लिये कवायद कर चुकी है. देश की बात करें तो वर्तमान में करीब 37 हजार ई वाहन चल रहे हैं. इनसे करीब 37 हजार से ज्यादा लीटर पेट्रोल की प्रतिदिन बचत हो रही है. ये वाहन वातावरण को भी सुरक्षित रखने में सहायक हैं.


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