राजस्थान का सियासी रार, गहलोत कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी

जागरूक टाइम्स 238 Jun 14, 2021

जयपुर। अशोक गहलोत सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की कवायद तेज हो गई है। दिल्ली से जयपुर तक इसे लेकर सुगबुगाहट और चर्चाओं का सिलसिला जारी है। राष्ट्रीय राजधानी से लेकर राजस्थान की राजधानी जयपुर तक पार्टी के वरिष्ठ नेता मन टटोलने में लगे हैं। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी अजय माकन के बीच इस मुद्दे पर चर्चा हुई है। वहीं, जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी पिछले 2-3 दिन में कई विधायक और मंत्री मिले हैं। जानकार सूत्रों के मुताबिक, सीएम मंत्रियों-विधायकों का मन टटोल रहे हैं और फीडबैक ले रहे हैं। सचिन पायलट दिल्ली में डेरा डाले हुए है। हाल में आए प्रदेश प्रभारी अजय माकन के बयान के बाद ऐसा माना जा रहा है कि जून के अंत में या जुलाई माह में मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार किया जा सकता है।

आलाकमान जल्द सुलझाएगा मसला
सचिन पायलट ने हाल ही में सुलह कमेटी द्वारा की जा रही देरी को लेकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद राजनीति गर्म है। सचिन पायलट चाहते हैं कि उनके लोगों को जल्द से जल्द मंत्रिमंडल और राजनीतिक नियुक्तियों में जगह दी जाए। आलाकमान भी अब इस मुद्दे को लेकर गंभीर है। ज्योतिरादित्य सिंधिया और जितिन प्रसाद के भाजपा में जाने के बाद पार्टी की किरकिरी हुई है। अब आलाकमान कोई रिस्क लेना नहीं चाहता है। वहीं पायलट खेमे की ओर से हो रही बार-बार बयानबाजी से भी पार्टी के विपरीत माहौल बन रहा है। जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

सचिन पायलट को भाजपा का ऑफर
नई दिल्ली। राजस्थान में अपनी ही सरकार और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से नाराज चल रहे कांग्रेस नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट पर भाजपा डोरे डालने में जुट गई है। बीजेपी ने इशारों में पायलट को ऑफर देते हुए कहा है कि पार्टी का दरवाजा उन सभी लोगों के लिए खुला हुआ है जो देश को पहली प्राथमिकता देते हैं। राजस्थान के सासंद राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी में कोई विजन नहीं बचा है और इसलिए नेताओं को पार्टी छोड़कर विजन वाली दूसरी पार्टी में जाना होगा।

पूर्व ओलंपियन निशानेबाज राठौर ने सचिन पायलट के बीजेपी में शामिल होने के सवाल के जवाब में कहा कि हमारी पार्टी उन सभी लोगों के लिए खुली हुई है जो देश को प्राथमिकता देते हैं और अपनी विचारधारा इंडिया फस्र्ट कर सकते हैं। कांग्रेस पार्टी में फूट के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व को जिम्मेदार बताते हुए राठौर ने कहा कि जब केंद्र में आपका नेतृत्व कमजोर होता है तो क्षेत्रीय नेता अपनी मनमर्जी करते हैं, भले ही आपका संदेश कुछ भी हो, चाहे पंजाब हो या राजस्थान। विजन नहीं होने की वजह से नेता पार्टी छोड़कर विजन वाली पार्टी जॉइन करेंगे।

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