राजस्थान में एक घर से 5 और दूसरे से उठीं 4 अर्थियां

जागरूक टाइम्स 427 Jan 21, 2021
बांसवाड़ा(ईएमएस)। सूरत में सड़क हादसे में बांसवाड़ा के कुशलगढ़ क्षेत्र के 13 मजदूरों की मौत हो गई। इसमें भगतपुरा में एक ही परिवार के 5 लोग, गराड़खोरा में 4, खेरदा और मस्का गांव में 2-2 मजदूरों की मौत हुई। इन सभी का उनके गृह जिलों में अंतिम संस्कार किया गया। जैसे ही एक घर से 5, दूसरे से 4 और 2 घरों से एक साथ 2-2 अर्थियां उठीं, परिवार सदस्यों के साथ पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। शोक में डूबे चारों गांवों में अब तक चूल्हा नहीं जला है।

  गौरतलब है कि भगतपुरा का मुकेश 20 दिन पहले पत्नी, बेटी और दो बहनों के साथ सूरत मजदूरी करने गया था, हादसे ने सभी की जान ले ली। यहां रहने वाली बुजुर्ग मीटा ने बेटे मुकेश, बहू लीला 6 साल की पोती तेजल और दो बेटियों मनीषा और वनीता को खो दिया। अब परिवार में पति, एक बेटा और दूसरी पोती बची है। बुजुर्ग मीटा का पति केला शवों को लेकर देर रात गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। छोटे भाई मनीष ने बताया 20 दिन पहले ही भाई और परिवार के बाकी सदस्य सूरत गए थे। शाम 7 बजे ही भाई ने कॉल किया था। मां से कहा था कि काम मिल गया है, रुपए भी भेजेगा। रात को टांडा वडला से बड़े मामा भैरू भाई ने कॉल करके बताया कि भाई, भाभी और दोनों बहनों की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। इसके बाद से रातभर मां रोती रही। गराड़खोरा गांव से एक साथ चार लोगों की मौत हुई। सभी रिश्तेदार थे।

यहां से दिलीप और उसकी पत्नी संगीता दोनों मज़दूरी के लिए सूरत गए थे। घर पर मां कमला और भाई बापू लाल रहते थे। वहीं, दिलीप की डेढ़ साल की बेटी अपने मामा के घर थी। मां से जब बात की तो बताया, सोमवार को शाम को ही दिलीप ने फोन कर मेरा हालचाल पूछा था। उसने कहा था कि मेरी बच्ची बीमार है और उसे मामा के घर से लाकर इलाज करवा देना, मैं पैसे भिजवा रहा हूं। दिलीप के घर से कुछ ही दूरी पर स्थित राकेश के घर पर भी सन्नाटा पसरा था। हादसे में राकेश और उसकी पत्नी सुगना की भी मौत हो चुकी थी।

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