बाड़मेर में अब लकड़ी से नहीं गोबर से बनी गोकाष्ठ से हो रहा अंतिम संस्कार

जागरूक टाइम्स 194 Nov 12, 2020

-मोक्षधाम में पेड़ों की लकड़ी 6.50 रूपए किलो जबकि गोकाष्ट 5 रूपए किलो मिलती है

बाड़मेर(ईएमएस)। बाड़मेर में श्मशान विकास समिति की अनूठी पहल से लकड़ी से अंतिम संस्कार की बजाय गाय के गोबर से बनीं गोकाष्ट से अंतिम संस्कार किया जा रहा है। यहां बरसों पूर्व भी गाय के गोबर से बने उपलों से शवों का अंतिम संस्कार किया जाता था, लेकिन अब यहां इसी गोबर से बनी लकड़ियों का उपयोग अंतिम संस्कार में किया जा रहा है। संस्थान की ओर से निकटवर्ती निम्बड़ी स्थित भगवती गोशाला में बन रही गोकाष्ट मंगवाई गई और अब इसका प्रयोग किया जाने लगा है।

  बाड़मेर श्मशान विकास समिति के संयोजक भैरूसिंह फुलवारिया बताते है कि गोबर जलने से पर्यावरण शुद्ध होगा। बड़ी बात यह है कि एक शव के अंतिम संस्कार में 4-5 क्विंटल लकड़ी का उपयोग होता है गोकाष्ट में यह कार्य लगभग 3 से 3.50 क्विंटल में हो जाता है। ऐसे में एक अंतिम संस्कार से एक साथ दो पेड़ों को बचाया जा सकता है। सार्वजनिक मोक्षधाम में पेड़ों की लकड़ी 6.50 रूपए किलो मिलती है। जबकि गोकाष्ट 5 रूपए किलो मिलती है। भगवती गोशाला निम्बड़ी के अध्यक्ष ओमप्रकाश मेहता बताते है कि धार्मिक महत्व में गोबर का प्रमुख स्थान है। इसको लेकर भगवती गोशाला में गोकाष्ट का प्लांट लगाया है। सार्वजनिक मोक्षधाम में 2 गाड़ी निःशुल्क भेजी गई है। दाह संस्कार में गोकाष्ट का प्रयोग होने से पर्यावरण शुद्ध होने के साथ पेड़ भी बचेंगे।


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