बाड़मेर : नाबालिग के साथ घटना पर हुई त्वरित कार्रवाई- चौधरी

जागरूक टाइम्स 154 Oct 10, 2020

बाड़मेर । राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के बाड़मेर आकर गैंगरेप पीड़िता से मिलने व राज्य सरकार पर अपराधों के संबंध में लगाये गये आरोपों को मिथ्या करार देते हुए इसे ओछी राजनीति कहा है। राजस्व मंत्री ने कहा है कि बाड़मेर में दो दिन पूर्व नाबालिग के साथ घटित गैंगरेप की घटना पर पुलिस प्रशासन ने तत्परता से कार्रवाई कर आरोपी को पकड़ने में कामयाबी हासिल की। उन्होंने कहा कि इस घटना की तीव्र जांच के लिए उन्होंने स्वयं ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया, अस्पताल में जाकर पीड़िता एवं परिवार से मिले, बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले पर पूरा संज्ञान लिया, स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने भी पीड़ित परिवार से मिलकर न्याय का भरोसा जताया।

राजस्व मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि महिलाओं और बालिकाओं सहित समाज के कमजोर वर्गों के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामलों में पुलिस पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता से कार्रवाई करे। हमारी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि थानों में प्रत्येक फरियादी की आवश्यक रूप से सुनवाई हो और उसे एफआईआर दर्ज कराने के लिए भटकना न पड़े। इतना सब होने के बावजूद भाजपा अध्यक्ष द्वारा इस तरह की अवसरवादी राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें बिना नामजद रिपोर्ट के पुलिस द्वारा की गई तत्काल कार्रवाई की प्रशंसा करनी चाहिए थी।

राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था, महिलाओं से संबंधित अपराधों, संगठित अपराधों, मादक पदार्थों की तस्करी रोकने, माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई तेज करने आदि के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री जी समय समय पर बैठक करते हैं, कल ही ढाई घंटे तक बैठक ली है। राज्य सरकार ने प्रत्येक फरियादी की आवश्यक रूप से सुनवाई तथा एफआईआर दर्ज करने की नीति लागू की हुई है। उच्च स्तर से इसकी निरंतर मॉनीटरिंग की जा रही है। इसी का नतीजा है कि इस्तगासों के जरिए दर्ज होने वाले अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है। राज्य में अदालत के जरिए 156(3) के तहत दर्ज होने वाली एफआईआर की संख्या 31 प्रतिशत से घटकर मात्र 13 प्रतिशत रह गई है। उन्होँने कहा की महिलाओं से संबंधित अपराधों के लिए प्रदेश के सभी 41 पुलिस जिलों में गठित स्पेशल इंवेस्टिगेशन यूनिट फॉर क्राइम अगेंस्ट वूमन का असर है कि दुष्कर्म तथा पोक्सो केसेज की तफ्तीश में लगने वाले समय में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। पहले जहां इन अपराधों के अनुसंधान में पुलिस को औसत रूप से 278 दिन का समय लगता था वहीं इस यूनिट के गठन तथा मॉनिटरिंग के कारण इस समय में 40 प्रतिशत तक कमी आई है और अब 113 दिन का औसत समय लग रहा है।

राजस्व मंत्री ने कहा कि सरकार ने जिस तरह से थानों में हर फरियादी की एफआईआर अनिवार्य रूप से दर्ज करने की जो व्यवस्था की हुई है, उसी प्रकार की व्यवस्था सभी राज्यों में लागू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराधों की रोकथाम के लिए कम्यूनिटी पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के लिए, सीएलजी को और सक्रिय करने, ग्राम रक्षकों को प्रशिक्षित कर उनकी सेवाएं लेने के प्रयास भी किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अलवर के थानागाजी में हुए बलात्कार प्रकरण में पुलिस द्वारा की गई तफ्तीश की सराहना भी की जिसके कारण अपराधियों को सींखचों तक पहुंचाने में सफलता मिली।

राजस्व मंत्री ने कहा कि भाजपा नेता नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट का हवाला दे रहे हैं जबकि उस रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि एफआईआर दर्ज होने के आंकडों में वृद्धि का अभिप्राय यह नहीं है कि अपराधों में वृद्धि से नहीं लगाया जाना चाहिए। यह भी बताया गया कि राजस्थान के थानों में लंबित जांचों का प्रतिशत सबसे कम है। उन्होँने कहा कि भाजपा नेता उत्तर प्रदेश में जो जंगलराज चल रहा है वन्हा जाकर जनता के हित सुरक्षा सुनिश्चित करे तो बेहतर होगा।


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