मुंबई में बढ़ सकते हैं ओमिक्रॉन के मामले, विदेश से लौटे 109 यात्री नहीं हो रहे ट्रेस

जागरूक टाइम्स 296 Dec 7, 2021

ठाणे. महाराष्ट्र में कोरोना वायरस एक बार फिर तबाही मचा सकता है. कोविड- 19 के वेरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ से उपजी चिंता के बीच कल्याण डोंबिवली नगरपालिका के प्रमुख विजय सूर्यवंशी ने सोमवार को कहा कि ठाणे जिले के इस महानगरपालिका क्षेत्र में हाल में विदेश से 295 लोग लौटे थे जिनमें से फिलहाल 109 का पता नहीं चल सका है. सूर्यवंशी ने कहा कि इनमें से कुछ लोगों के मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं जबकि कई लोगों की ओर से दिए गए पते पर ताला लगा हुआ है. सूर्यवंशी ने खतरे वाले देशों से कल्याण डोंबिवली नगरपालिका लौटे लोगों को सात दिन तक घर में पृथक-वास में रहना होता है और आठवें दिन उनकी कोविड-19 की जांच की जाती है.

उधर मुंबई में पिछले महीने विदेश से लौटे दो व्यक्ति कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित पाये गए हैं. महाराष्ट्र की राजधानी में वायरस के इस नए स्वरूप के ये पहले मामले हैं. राज्य में अब इस वेरिएंट से कुल मामले बढ़कर 10 हो गए हैं. बृहन्मुंबई महानगर पालिका की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि दक्षिण अफ्रीका से लौटा एक व्यक्ति अमेरिका से लौटे एक अन्य व्यक्ति के संपर्क में था और दोनों की जांच में ओमिक्रॉन पाया गया है. विज्ञप्ति में बताया गया कि इन दोनों व्यक्ति कोविड-19 रोधी टीके की दोनों खुराक ले चुके हैं.

वहीं जानकारों का कहना है कि सार्स-कोवी-2 के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से कोरोना वायरस महामारी की तीसरी लहर फरवरी में चरम पर पहुंच सकती है, जब देश में प्रतिदिन एक लाख से डेढ़ लाख तक मामले सामने आने की आशंका है. कोविड-19 के गणितीय अनुमान में शामिल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के वैज्ञानिक मनिंद्र अग्रवाल ने यह कहा है.

उन्होंने कहा कि नए अनुमान में, ओमिक्रॉन वेरिएंट को एक कारक के तौर पर शामिल किया गया है. अग्रवाल ने कहा, ‘नए वेरिएंट के साथ, हमारा मौजूदा अनुमान यह है कि देश में फरवरी तक तीसरी लहर आ सकती है लेकिन यह दूसरी लहर से हल्की होगी. अब तक हमने देखा है कि ओमिक्रॉन से होने वाले संक्रमण की गंभीरता डेल्टा वेरिएंट की तरह नहीं है.’

हालांकि, उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में सामने आए मामलों पर करीबी नजर रखी जा रही है, जहां इस नए वेरिएंट के कई मामले सामने आए हैं. अग्रवाल ने कहा कि फिलहाल दक्षिण अफ्रीका में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होने की दर में वृद्धि नहीं दिखी है. उन्होंने कहा कि वायरस और अस्पताल में भर्ती होने की दर पर नए आंकड़ों से स्थिति की कहीं अधिक स्पष्ट तस्वीर मिलेगी. अग्रवाल ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि नए वेरिएंट ने अधिक संक्रामकता प्रदर्शित की है, लेकिन इसकी गंभीरता डेल्टा वेरिएंट जैसी नहीं दिखी है.’

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