कर्नाटक में महाराष्ट्र से आने वालों के लिए RTPCR रिपोर्ट जरूरी, शिवसेना ने किया विरोध

जागरूक टाइम्स 232 Aug 5, 2021

मुंबई. महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा पर गुरुवार को उस वक्त गहमागहमी बढ़ गई जब शिवसेना ने RT-PCR नेगेटिव रिपोर्ट के फैसले के खिलाफ रास्ता ही ब्लॉक कर दिया. हालांकि कुछ देर बाद प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया. मिली जानकारी के अनुसार कोल्हापुर स्थित राज्य सीमा पर यह हंगामा हुआ. दअरसल, कर्नाटक सरकार ने फैसला लिया है कि जो गाड़ियां, महाराष्ट्र की ओर से आ रही हैं उनके लिए RT-PCR नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य है. शिवसेना के कोल्हापुर जिला प्रमुख संजय पवार ने कहा कि उन्होंने कोग्नोली चेक पोस्ट पर लगभग दो घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान आरटीपीसीआर टेस्ट से छूट देने की मांग की गई थी.

अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार उन्होंने कहा, ‘कागल, अजरा, चांदगढ़ और गडिंगलाज (महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों) के वाहनों को गांवों और कस्बों में जाने के लिए सीमा चौकी से गुजरना पड़ता है. उनके पास कोई विकल्प नहीं है क्योंकि यही एकमात्र रास्ता है. जबकि वे अपने ही राज्य में प्रवेश कर रहे हैं तो महाराष्ट्र के लोगों से रिपोर्ट क्यों मांगी जा रही है?’ पवार ने कहा कि कर्नाटक के अधिकारियों ने कहा कि वे अपनी नीति में बदलाव करेंगे. RT-PCR की जगह आधार कार्ड अनिवार्य किया जाएगा. हालांकि, हम दोपहर तक इंतजार करेंगे नहीं तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा.

क्या है कर्नाटक सरकार का आदेश
कर्नाटक सरकार ने 31 जुलाई को एक विशेष निगरानी उपाय की घोषणा करते हुए कहा था कि केरल और महाराष्ट्र से राज्य में आने वालों के लिए आरटी-पीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य होगा. सरकार द्वारा जारी एक परिपत्र के मुताबिक टीकाकरण की स्थिति के बावजूद इन दोनों राज्यों से आने वालों को आरटीपीसीआर जांच की नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी और यह 72 घंटे से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए.

दिशानिर्देश में कहा गया है कि परिपत्र में कहा गया कि विमान, बस, ट्रेन या व्यक्तिगत वाहनों से कर्नाटक आने वाले सभी यात्रियों के लिए यह प्रमाण-पत्र दिखाना अनिवार्य होगा. इसमें कहा गया कि केरल और महाराष्ट्र से यहां आने वाली सभी उड़ानों से आने वालों के लिए भी यह अनिवार्य होगा.

इसमें कहा गया, ‘एयरलाइंस को सिर्फ उन्हीं लोगों को बोर्डिंग पास जारी करना चाहिए, जिनके पास आरटी-पीसीआर नेगेटिव जांच रिपोर्ट हो और 72 घंटे से ज्यादा पुरानी ना हो.’ इसमें कहा गया कि रेलवे अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे कि ट्रेन से सफर कर रहे इन दो राज्यों से आने वाले सभी यात्रियों के पास आरटी-पीसीआर नेगेटिव जांच रिपोर्ट हो.


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